विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर जिले में रक्तदाताओं को जागरूक करने की कोई पहल नहीं की गई। रविवार को छुट्टी होने के चलते अफसर विश्व रक्तदान दिवस को ही भूल गए। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में एक भी यूनिट रक्तदान नहीं हुआ। जो जागरूक लोग रक्तदान के लिए आए उन्हें भी जिला अस्पताल में बनी ब्लड बैंक का गेट बंद देखकर लौटना पड़ा।
जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को रक्त की पूर्ति शायद जिले में नहीं हो सकेगी। जिले में रक्तदाताओं को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन कवायद करना भूल गया है। 14 जून को लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व रक्तदाता दिवस घोषित किया गया लेकिन रविवार की छुट्टी के आगे यह पहल कमजोर साबित हुई। रक्तदान करने पहुंचे लोगों को जिला अस्पताल की ब्लड बैंक का गेट बंद मिला। मजबूरन होकर लोगों को वापस लौटना पड़ा। अस्पताल के चिकित्सकों की माने तो संगोष्ठी में शामिल होने के लिए जिला अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारियों के बीच पत्र भी जारी हुआ लेकिन सीएमएस से लेकर कोई कर्मचारी वहां नहीं आया।
विश्व रक्तदाता दिवस पर ब्लड बैंक सुबह से खुली हुई थी। संगोष्ठी के लिए सभी चिकित्सक सहित कर्मचारियों के लिए भी पत्र जारी किया था। लेकिन कोई नहीं आया तो संगोष्ठी नहीं हो सकी।
डॉ नवीन जैन, ब्लड बैंक प्रभारी जिला अस्पताल
जीवन रक्षा के लिए किया रक्तदान
रक्तदान कर महादानी बनीं महिलाएं, दूसरों को दी प्रेरणा
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। विश्व रक्तदान दिवस पर वूमेन वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। रक्तदान कर समाज सेवा का संकल्प लिया। वूमेन वेलफेयर सोसाइटी की मीडिया प्रभारी रिचा सिंह ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। इससे किसी का जीवन बचाया जा सकता है। इस दौरान कविता खरबंदा, शमा दीदी, रेखा गुप्ता, रेखा यादव, नानू उपाध्याय, हेमा बहरवानी, पूर्णिमा सिंह, रिचा सिंह, सोनिया धरना आदि ने रक्तदान किया।