उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने सर्दियों में कोहरे से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। अब कोहरे को चीरने के लिए शक्तिशाली पीली हेडलाइट का इस्तेमाल किया जाएगा। शिकोहाबाद डिपो की 66 बसों में यलो फोग लाइट और जीपीएस लगाया जाएगा।
बतातें चलें कि कोहरे से निपटने को रेलवे हाथ-पैर मारकर थक गया और सर्दी आने के पहले ही दिसंबर से फरवरी तक कई ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। हालांकि रोडवेज ने कोहरे से लड़ने का प्रयास नहीं छोड़ा है। इस बार रोडवेज अधिकारियों की कोशिश है कि शक्तिशाली पीली हेड लाइट लगाकर कोहरे को चीरा जाए। शिकोहाबाद परिक्षेत्र के एआरएम राजीव कुमार शर्मा ने सर्दी आने से पूर्व अगले माह तक सभी बसों की हेड लाइट में शक्तिशाली पीली लाइट लगाने की बात कही है। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि पीली लाइट इतनी शक्तिशाली होनी चाहिए कि घने कोहरे में भी आगे चल रहा वाहन दिखाई दे। बताते चलें कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की करीब 400 बसें फीरोजाबाद रूट से गुजरतीं हैं। इनमें अधिकांश बसें ऐसी हैं जिनका वाइपर और हेड लाइटें कमजोर है। स्थिति यह है कि चालकों को आगे का शीशा कागज से साफ करना पड़ता है। तमाम चालक तो नींबू रखे रहते हैं ताकि शीशा पर ओस न ठहरे।
पांच घंटे खतरनाक
सर्दी के दिनों में रात 12 बजे से सुबह पांच बजे तक पांच घंटे खतरनाक होते हैं। इस दौरान लंबी दूरी की बसों का संचालन रोक दिया जाता है।
बसों पर नजर रखेगा जीपीएस
शिकोहाबाद डिपो की सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे सर्दी के दिनों में बसों की लोकेशन की जानकारी बनी रहे। परिक्षेत्र क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में कंट्रोल रूम में 24 घंटे बसों की मानीटरिंग होगी। इस कंट्रोल रूम में पता चलेगा कि कौन सी बस कहां है? और कितनी गति से चल रही है?