फिरोजाबाद में एमपी-एमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अजीम भाई और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सैफुर्रहमान उर्फ छुट्टन सहित पांच नामजद लोगों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
घटना 18 सितंबर 2007 की है। उस समय प्रदेश में बसपा की सरकार थी और छात्रसंघ चुनाव निरस्त कर दिए गए थे। इसके विरोध में सपा नेताओं ने सदर बाजार में बिना अनुमति के जुलूस निकाला था और तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का पुतला दहन किया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और रोकने पर पुलिस टीम से उलझ गए थे।
5 नामजद और 60 अज्ञात पर पुलिस की ओर से थाना दक्षिण में मुकदमा दर्ज किया गया था। नामजद आरोपियों में अजीम भाई (पूर्व विधायक, सपा), सैफुर्रहमान उर्फ छुट्टन (सपा नेता व विधानसभा प्रत्याशी), मुकेश वाल्मीकि (पूर्व सभासद), गुलाम साबिर, स्वर्गीय महबूब अजीज (पूर्व पार्षद) शामिल थे। मामले की लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा। गवाहों और सबूतों की कमी को देखते हुए कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया है।