फिरोजाबाद। पांच दिवसीय दिवाली महोत्सव की आज से शुरुआत होगी। धनतेरस होने के कारण दस नवंबर को बाजार में खरीदारी होगी। बाजार भी सजकर तैयार हो गए हैं। धनतेरस की खरीदारी के लिए सुहागनगरी के बाजार सजकर तैयार हो गया है। दस नवंबर को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर एक बजकर 58 मिनट तक त्रयोदशी है। इस दिन प्रदोष काल और वृषभ लग्न के दौरान धन तेरस की पूजा की जाए तो लक्ष्मी जी घर में ठहरती हैं। इस दिन प्रदोष काल एवं वृषभ लग्न में दीपदान के लिए मुहूर्त शाम 5 बजकर 46 मिनट से लेकर रात्रि 7 बजकर 42 मिनट तक है।
नरक चतुर्दशी का पर्व 11 नवंबर शनिवार के साथ-साथ रविवार को मनाई जाएगी। क्यों कि उदयातिथि के हिसाब से 12 नवंबर है। अधिकांश 11 नवंबर को मनाएंगे। दीपकोत्सव पर्व दिवाली 12 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन घर व प्रतिष्ठानों पर पूजा अर्चना की जाएगी। इसकी व्यापक तैयारी की जा रही है। 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा के साथ अन्नकूट का प्रसाद का वितरण किया जाता है।
भाई दूज (यम द्वितीया) 15 को
भाई दूज यम द्वितीया 15 नवंबर को मनाई जाएगी। दिवाली के बाद आने वाला यह पर्व भाई के प्रति बहन के स्नेह को अभिव्यक्त करता है एवं बहनें अपने भाई के तिलक करने के साथ मिष्ठान खिलाती है। यमुना में स्नान भी करती हैं।
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त- 12 नवंबर 2023
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05 बजकर 26 मिनट से शाम 08 बजकर 03 मिनट तक।
अवधि: 02 घंटा 37 मिनट
प्रदोष काल- 05:26 से 08:03 तक
अवधि: 1 घंटा 56 मिनट
वृषभ काल- 05:38 से 07:34 तक
महानिशीथ काल एवं सिंह स्थिर लग्न पूजा मुहूर्त
अवधि: 52 मिनट
महानिशीथ काल- 11:35 से 12:27 तक
अवधि: 2 घंटा 15 मिनट
सिंह काल- 12:08 से 02:23 तक
दिवाली शुभ चौघड़िया पूजा मुहूर्त
अपराह्न मुहूर्त्त (शुभ)- 01:22 से 02:43 तक
सायंकाल मुहूर्त्त (शुभ, अमृत, चल)- 05:25 से 10:22 तक
रात्रि मुहूर्त्त (लाभ)- 01:39 से 03:18 तक
-दीपोत्सव पर्व की आज दस नवंबर से शुरूआत होगी। धनतेरस,नरक चर्तुदशी 11 एवं 12 नवंबर को मनाई जाएगी। गोवर्धन पूजा 14 तथा भाईदूज 15 की होगी। इसी हिसाब से तैयारी की जा रही हैं।
राजीव लोचन ज्योतिषाचार्य
-पांच दिवसीय दीपकोत्सव पर्व की शुरूआत दस नवंबर से हो रही है। उत्साह, उल्लास के इस पर्व की तैयारी घर-घर की जा रही है। 11 को नरक चर्तुदशी,12 को दिवाली के साथ 14 को गोवर्धन पूजा व 15 को भाई दूज मनाई जाएगी।
पंडित मुन्नालाल शास्त्री