सरकारी ट्रॉमा सेंटर गंभीर हालत के मरीज को ऑक्सीजन नहीं मिलने से हुई मौत के बाद हंगामा करते परिजनो
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फिरोजाबाद। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में उपचार के लिए लाए व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर जिला अस्पताल के सीएमएस और पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीएमएस ने लोगों को समझाबुझाकर मामले को शांत कराया।
थाना शिकोहाबाद के लेबर कालोनी निवासी विवेक यादव (46) पुत्र रवींद्रनाथ यादव प्रापर्टी डीलर का काम करते हैं। मंगलवार की देर रात सांस लेने में तकलीफ हुई तो उनके बड़े भाई हरीश यादव सरकारी ट्रॉमा सेंटर में लेकर पहुंचे। चिकित्सक आरपी सिंह जैसे ही विवेक को देखने पहुंचे तब तक उनकी मौत हो गई।
इसके बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। ऑक्सीजन गैस का सिलिंडर उठाकर पटक दिया। चिकित्सक आरपी सिंह से धक्का मुक्की की गई। चौकी प्रभारी ने घटनाक्रम की जानकारी थानाध्यक्ष उत्तर हरवेंद्र मिश्रा को दी। थाना प्रभारी उत्तर हरवेंद्र मिश्रा एवं जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डा. आलोक कुमार पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझा बुझाकर परिजनों को शांत कराया।
इस दौरान मृतक विवेक के बड़े भाई हरीश कुमार यादव ने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर के गेट पर काफी देर तक जांच के नाम पर रोके रखा। जब अंदर पहुंचे तो न डाक्टर थे और न ही ऑक्सीजन थी। इसी लापरवाही के चलते भाई की जान चली गई।
हंगामा करने के बाद परिजन शव को लेकर घर चले गए। थाना प्रभारी उत्तर हरवेंद्र मिश्रा ने कहा कि सरकारी ट्रॉमा सेंटर में लाए गए व्यक्ति की हालत गंभीर थी इसके कारण मौत हो गई। कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर पर मामले की जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
शिकोहाबाद निवासी विवेक यादव को ट्रॉमा सेंटर लाए थे। हालत गंभीर होने के कारण उनकी मौत हो गई थी। परिजन जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत हैं। समझाने के बाद परिजन शव को घर ले गए हैं।
डा. आलोक कुमार, सीएमएस