फिरोजाबाद। फिरोजाबाद नगर निगम के मेयर का पद पहले अनारक्षित होने के बाद दूसरी बार पिछड़ी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित करने के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं बसपा नेता सतेंद्र जैन सौली ने कहा कि फिरोजाबाद मेयर का पद पिछड़े वर्ग महिला के लिए आरक्षित करने पर लखनऊ में आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने हाईकोर्ट में यह आशंका व्यक्त करते हुए की सरकार आपत्ति का निस्तारण किए बिना मनमाने ढंग से नगर निकाय चुनाव करा देगी की याचिका दाखिल की है। उच्च न्यायालय में अधिवक्ता अकलंक जैन ने शासन की 30 मार्च 2023 को जारी अधिसूचना को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई है
याचिका में पिछड़ा वर्ग आयोग के संबंध में हाईकोर्ट के आर्डर को लगाते हुए कहा कि पांच दिसंबर 2022 की अधिसूचना को लेकर माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में जो प्रकरण चला था उसमें उच्च न्यायालय ने नगर पालिकाओं मैं पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर आदेश दिए थे। उसमें नगर निगम का उल्लेख नहीं है जबकि नगर निगम एक्ट अलग है इसलिए नगर निगमों पर यह लागू नहीं होता। अत: जो फिरोजाबाद महापौर पद का आरक्षण बदला गया है वह गलत है। सत्येंद्र जैन सोली ने कहा अप्रत्याशित ढंग से फिरोजाबाद नगर निगम महापौर पद का जो आरक्षण बदला गया है वह सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व को रोकने की साजिश है।