शिकोहाबाद। सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्र की लगभग 60 प्रसूताएं जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली 1400 रुपये की सहायता राशि से वंचित रह गई हैं। इन महिलाओं के पास न तो बैंक खाता है और न ही आधार कार्ड।
संयुक्त चिकित्सालय के वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, करीब 60 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना की धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। नियमानुसार, प्रत्येक पात्र प्रसूता के खाते में 1400 रुपये भेजे जाने थे। हालांकि, बैंक खाता और आधार कार्ड उपलब्ध न होने के कारण यह भुगतान रुका हुआ है। योजना के लाभ से वंचित महिलाओं में एक बड़ी संख्या उन श्रमिक परिवारों की है जो दूसरे क्षेत्रों से आकर ईंट-भट्ठों पर काम करते हैं। मजदूरी के लिए लगातार स्थान बदलने की प्रवृत्ति के कारण, इन महिलाओं के लिए बैंक खाते और आधार कार्ड बनवाना एक चुनौती साबित हुआ है।
छह माह का मिलता है समय
शिकोहाबाद। प्रसव कराने के लिए पंजीकरण के बाद आशाओं को ऐसी महिलाओं के खाते और आधार कार्ड बनवाने के लिए लगभग छह माह का समय मिलता है। यदि आशा कार्यकर्ती इन महिलाओं के प्रसव के बाद भी खाते और आधार कार्ड बनवाएं, तो योजना का शत-प्रतिशत लाभ प्रसूताओं को मिल सकता है।
ऐसी महिलाएं, जिनके आधार कार्ड और बैंक में खाते नहीं हैं। वह इस प्रक्रिया को पूर्ण करा लें। प्रसूता महिला के नाम का बैंक में खाता होने पर ही उसे सरकारी योजना का लाभ मिल सकेगा।
डॉ. आरसी केशव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त चिकित्सालय, शिकोहाबाद