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Firozabad News: मौत का जाल बनी हाईटेंशन लाइनें, जर्जर 263 किमी तार बदलने का काम 70% अधूरा

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फोटो 15 एका के रुहासी पट्टी गांव में हुए हादसे के बाद विलाप करतीं  महिलाएं। संवाद
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फिरोजाबाद। एका थाना क्षेत्र के रुहासी पट्टी में हुए दर्दनाक हादसे में दो युवकों की जान चली गई। इस घटना ने विद्युत निगम के दावों की पोल खोल दी है। जिले में अभी भी 263 किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइनें मौत का जाल बनकर बिछी हुई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कारोबार प्लान 2025-26 के तहत काम की रफ्तार बेहद धीमी है।
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विद्युत विभाग ने टूंडली, मक्खनपुर, रूपसपुर, भदाना, फरिहा, हाथवंत, मोहम्मदाबाद और मुस्तफाबाद समेत 43 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है। इन क्षेत्रों में कुल 790 किलोमीटर तार बदले जाने हैं और 1642 नए पोल लगाए जाने हैं। शासन ने इस कार्य के लिए 467 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट भी जारी किया है। कारोबार प्लान 2025-26 के तहत सर्वे तो हुआ, लेकिन काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि अब तक केवल 30 फीसदी तार ही बदले जा सके हैं। यह योजना जमीनी स्तर पर अभी भी 70 फीसदी अधूरी है। यही अधूरापन आज दो परिवारों की तबाही का कारण बना।
कारोबार प्लान 2025-26 के तहत हाईटेंशन लाइनों को बदलने का सर्वे पूरा हो चुका है। इसके बावजूद, काम की गति संतोषजनक नहीं है। जिले में कुल 263 किलोमीटर हाईटेंशन लाइनें अभी भी हैं, जो लगातार खतरा बनी हुई हैं। विद्युत विभाग ने कुल 43 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। इनमें टूंडली, मक्खनपुर, रूपसपुर, भदाना, फरिहा, हाथवंत, मोहम्मदाबाद और मुस्तफाबाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन चिह्नित स्थानों पर 790 किलोमीटर तार बदलने और 1642 नए पोल लगाने की योजना है। सरकार ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए 467 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट भी आवंटित किया है। इसके बावजूद, यह योजना कागजों पर ही अधिक दौड़ रही है।
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स्कूलों पर मंडराता खतरा
जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं हैं। अभी भी 19 स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। यह स्थिति इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की जान को हर पल जोखिम में डाल रही है। हालांकि, विभाग ने 65 स्कूलों से तारों को हटाने का काम पूरा कर लिया है। एका जैसी दुखद घटना अगर किसी स्कूल के पास होती है, तो इसके परिणाम और भी भयावह हो सकते हैं।
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