105, टूंडला के साधन सहकारी समिति रसूलाबाद में लगी किसानों की भीड़संवाद
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फिराजाबाद/नारखी/खैरगढ़। आलू और गेहूं की फसल की बुवाई शुरू होने के साथ जिले में एक बार फिर साधन सहकारी समितियों पर किसानों की भीड़ उमड़ने लगी। खतौनी की नकल एवं आधारकार्ड हाथ में थामे पुरुष किसान ही नहीं बल्कि महिलाएं तक कतार में लगी दिखई दीं। इसका बड़ा कारण प्राइवेट दुकानदारों की ओर से डीएपी के साथ लगेज दिया जाना माना जा रहा है।
किसान रबी की फसल की बुवाई करने में जुट गए हैं। इन दिनों आलू की फसल की बुवाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। किसान दिन रात्रि मेहनत करके आलू की फसल बोने की तैयारी कर रहे हैं। फसल बोने से पूर्व डीएपी का इंतजाम करने को साधन सहकारी समितियों की ओर किसान दौड़ लगा रहे हैं। इस तरह का आलम समितियों पर देखने को मिल रहा है। नारखी साधन सहकारी समिति पर बृहस्पतिवार सुबह किसानों की कतार लगी दिखाई दी। कई किसान बैरंग लौटने को मजबूर हो गए। किसानों की मानें तो खतौनी की नकल ले जाने के बाद भी एक दो बोरी ही खाद दी जा रही है। खेरिया निवासी प्रदीप कुमार का कहना है कि पिताजी के नाम 40 बीघा खेत है लेकिन एक बोरी डीएपी दी जा रही है। जनक सिंह भी डीएपी नहीं मिलने के कारण वापस लौट गए। यह हाल सिर्फ नारखी क्षेत्र का नहीं बल्कि मक्खनपुर एवं खैरगढ़ क्षेत्र की समितियों पर इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। प्राइवेट दुकानदार डीएपी की एक बोरी के साथ अन्य सामान किसान को थमा रहे हैं। यदि किसान लेने को तैयार नहीं होता है तो डीएपी नहीं दी जा रही है।
-जिले में डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्राइवेट दुकानदारों से कहा कि वह किसानों को डीएपी मानक के अनुरूप उपलब्ध कराएं। यदि कोई निर्धारित रेट से अधिक वसूली करता हुआ पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी फिरोजाबाद