फिरोजाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आहट तेज होते ही शासन स्तर पर सरगर्मी बढ़ गई है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने जिला प्रशासन से जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत में पिछड़ा वर्ग से निर्वाचित हुए सभी प्रतिनिधियों की विस्तृत सूची तलब की है। आयोग के इस निर्देश के बाद जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग जानकारी जुटाने के लिए फाइलों को खंगालने में जुट गए हैं।
आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले, आयोग ने न केवल पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत (बीडीसी), ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पदों की रिपोर्ट मांगी है, बल्कि यह भी पूछा है कि सामान्य वर्ग की सीटों पर कितने पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि चुनकर आए हैं।
5 ग्राम पंचायतों में योजनाओं के लाभार्थियों का ब्योरा तलब
इसके अतिरिक्त, आयोग ने जिले के विभिन्न ब्लॉकों की 5 विशिष्ट ग्राम पंचायतों का चयन कर वहां पिछड़े वर्ग को सरकारी योजनाओं के तहत दिए गए लाभ का पूरा ब्योरा मांगा है। इन ग्राम पंचायतों में अरांव ब्लॉक की ग्राम पंचायत असवाई और सोथरा, फिरोजाबाद की ग्राम पंचायत ऊंधनी, हाथवंत की ग्राम पंचायत खैरगढ़ और मलिकपुर शामिल हैं। इन गांवों में पिछड़े वर्ग के कितने परिवारों को आवास, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों से एकत्र कराई जा रही है। यह कदम पिछड़े वर्ग के उत्थान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
विधानसभा वार पिछड़े वर्ग के मतदाताओं का आंकड़ा
टूंडला: 2.45 लाख
जसराना: 2.40 लाख
शिकोहाबाद: 2.27 लाख
सिरसागंज: 2.01 लाख
फिरोजाबाद सदर: 1.50 लाख
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से पिछड़ा वर्ग के जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ प्रधानों का पूरा ब्योरा मांगा गया है, जिसे तैयार करके भेजा जा रहा है। इसके अलावा 5 चिह्नित पंचायतों में योजनाओं के लाभार्थियों का ब्योरा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेज दिए गए हैं। - अरुण कुमार अत्री, डीपीआरओ