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अरुण हत्याकांड: होटल संचालक शहनोज, मां व दादी समेत 7 नामजद और साथियों पर प्राथमिकी

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फोटो 2 मृतक अरुण का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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फिरोजाबाद। रसूलपुर क्षेत्र के अरुण चक (25) की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मृतक के पिता की तहरीर पर सात नामजद और अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या, धमकी, बलवा और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब 12 घंटे से चला आ रहा हंगामा और धरना-प्रदर्शन शांत हुआ। दोपहर में पुलिस अभिरक्षा में अरुण के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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मृतक अरुण के पिता सरजू खटीक ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि विवाद 3 जुलाई को शुरू हुआ था। उस शाम करीब 5 बजे अरुण अपनी किराना दुकान पर बैठे थे। तभी पड़ोसी शहनोज खां गली में गाली-गलौज कर रहा था। अरुण ने उसे टोका और शराब पीने से मना किया। इस पर शहनोज ने झगड़ा किया और जेल काटने का रौब दिखाते हुए देख लेने की धमकी दी।
5 जुलाई को आरोपी शहनोज ने अरुण के दादा अमर सिंह को रोककर सरजू और अरुण को न छोड़ने की धमकी दी। 6 जुलाई को आरोपी ने अरुण के भाई करन को रास्ते में रोका। उसने कहा कि अरुण का अंतिम समय नजदीक है और उसे नहीं छोड़ेगा। शहनोज की मां और दादी ने भी दुकान पर आकर झगड़े के बुरे अंजाम की धमकी दी थी।
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7 जुलाई की रात करीब 11 बजे अरुण दुकान बंद कर कुल्फी लेकर स्कूटी से घर लौट रहा था। आगाशाह मस्जिद के सामने पहले से घात लगाकर बैठे शहनोज खां, उसके पिता राजू, चाचा वसीमुद्दीन, मुईन और उनके साथियों ने अरुण को पकड़ लिया। आरोपियों ने उसे जबरन पास के नाले पर ले जाकर धारदार वस्तु से कई वार किए। उन्होंने अरुण को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने अरुण के शव और उसकी स्कूटी को नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने बुधवार सुबह शव और स्कूटी बरामद कर परिजनों को सूचना दी थी।
इलाके में पुलिस तैनात रही पुलिस, तनाव का माहौल
अरुण चक का शव बुधवार सुबह नाले से बरामद होने के बाद से ही रसूलपुर इलाके में तनाव फैला हुआ था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इधर, मामला दो समुदायों से जुड़ा होने और सांप्रदायिक तनाव वाला इलाका होने के चलते एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने सूझबूझ से काम लिया और इलाके में रसूलपुर, दक्षिण, उत्तर और रामगढ़ थाने का फोर्स तैनात किया गया। बुधवार देर शाम जब पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुरू हुआ तो शहर के सभी थानों के इंस्पेक्टर, फोर्स को पोस्टमार्टम पर तैनात किया गया। पोस्टमार्टम होने के बाद आरोपियों पर प्राथमिकी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। रात 10 बजे तक शव को घर ले जाने को तैयार नहीं हुए। किसी तरह पुलिस ने समझा बुझाकर शव को भेजा तो परिजन ने रसूलपुर गली-7 के बाहर रास्ते में शव को रख दिया। पुलिस रातभर बारिश के दौरान तैनात रही। इधर, परिवार वाले भी जमे रहे। बृहस्पतिवार सुबह हंगामा तेज हो गया। समाज के कई नेता भी पहुंच गए। आरोपियों पर प्राथमिकी और गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इसके बाद पुलिस ने पिता से तहरीर लेकर आनन-फानन दस बजे करीब प्राथमिकी दर्ज करने के बाद परिजन को दिखाई। तब जाकर परिवार व समाज के लोग शव को अंतिम संस्कार को ले जाने के लिए तैयार हुए। पुलिस की मौजूदगी में छारबाग शमशान घाट में अंतिम संस्कार हुआ।

बयान
प्रकरण में मृतक के पिता की तहरीर पर हत्या की प्राथमिकी चार के खिलाफ दर्ज की गई है। अंतिम संस्कार करा दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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- संतोष कुमार सिंह, डिप्टी एसपी, सिटी

फोटो 2 मृतक अरुण का फाइल फोटो- फोटो : संवाद

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