फिरोजाबाद-बड़ी छपैटी में हुए बवाल के दौरान युवक अमित गुप्ता की मौत के बाद घंटाघर चौराहे पर जाम लग?
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। अरे मुझमें भी गोली मार दो..., मेरे दो बेटे मार दिए तो मैं ही जीकर क्या करूंगी। मैने खुद भूखे रहकर बेटों को पाला था। जवान बेटे चले गए अब तो मेरा कुछ नहीं बचा। प्रशासन चाहे तो मेरा खाने-पीने का इंतजाम करा दे या फिर हम दोनों (पति-पत्नी) में गोली मार दे। क्योंकि अब हम किसके सहारे जिएंगे। यह कहते कहते कई बार अचेत हो गई मोनू की मां मंजू देवी गुप्ता।
पैर से दिव्यांग मां के आंसू थम नहीं रहे थे। बड़ी छपैटी स्थित आवास पर ही बदहवास हालत में जो सामने आ जाता उसी से अपना दुखड़ा सुनाने लगती। किसी ने कहा शव यहां नहीं आएगा तो बाइक पर बैठकर जिला अस्पताल जाने की तैयारी करने लगी। बेटा का मुंह तो दिखवा दो,मेरी तो आस, उम्मीद सभी कुछ खत्म हो गई। मेयर नूतन राठौर पहुंची तो परिवार की महिलाओं ने इशारा किया कि यह मकान देख लो बहुत गरीब है। दो वर्ष पूर्व एक बेटा गोली मारने के कारण मौत का शिकार हो गया था अब एक बचा था उसको भी गोली मार दी। यही बात क्षेत्र के लोगों ने मृतक के घर आए सदर विधायक मनीष असीजा से कही। दो बजे करीब मृतक की मां मंजूदेवी परिजनों के साथ घंटाघर चौराहे पर ही पहुंचकर धरने पर बैठ गई। धरना स्थल पर बेबस मां बार-बार बोलती दिखी कि मुझमें गोली मार दो..साहब। अब मैं जीना नहीं चाहती।