शहर की एक फैक्ट्री में रखी छोटी कांच की शीशी
- फोटो : संवाद
आंतरिक अशांति से घिरे बांग्लादेश के हालातों का असर सुहागनगरी फिरोजाबाद के कांच बोतल कारोबार पर पड़ना तय है। बांग्लादेश में सौ एमएल तक माप वाली शीशी का कारोबार कर रहे निर्यातकों के लाखों रुपये के ऑर्डर कैंसिल होने का अंदेशा है। कई कारखानों में जमा स्टॉक को दूसरी जगह खपाने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।
वहीं छोटे निर्यातक भी भुगतान व तकनीकी आंशका से चिंतित हैं। कारोबारियों के अनुसार बांग्लादेश में अगर अशांति का माहौल लंबा चला तो फिरोजाबाद के कांच कारोबार दिसंबर माह तक लगभग पांच करोड़ का नुकसान होगा। फिरोजाबाद की कांच बोतल उद्योग ने यूरोप के साथ साथ दक्षिण एशिया के श्रीलंका, रूस, बांग्लादेश, नेपाल, चीन के कई प्रदेशों में अपनी पैठ बना ली है।
खासतौर पर सौ एमएल तक की शीशी का निर्यात इन देशों में प्रमुखता से होता है। सौ एमएल की शीशी सामान्यत: इत्र, नैन पॉलिश, चिकित्सीय कार्यों में इस्तेमाल होती हैं। अकेले बांग्लादेश में ही पश्चिम बंगाल के रास्ते इन शीशियों की सप्लाई आसानी से होती है। ताजा माहौल में बंगाल के कांच बोतल व शीशियों कारोबारियों ने अपने ऑर्डर को रुकवा दिया है।
वहीं फिरोजाबाद के कारोबारियों की चिंता पूर्व में भेजे गए ऑर्डरों के भुगतान को लेकर भी है। कांच कारोबारियों के अनुसार दिसंबर तक बांग्लादेश में लगभग पांच करोड़ का मॉल भेजा जाना था, लेकिन उस पर एकाएक ब्रेक लगना काफी नुकसानदेह है।
चीन को टक्कर देना काफी दुश्कर है। फिरोजाबाद के कांच निर्यातक रूस, यूक्रेन युद्ध के जरिए पहले से ही मंदी की मार झेल रहे थे। अब बांग्लादेश में उत्पन्न हालात निराशाजनक हैं। इससे छोटे कारोबारियों को दिक्कत होगी। वहीं जिले की कांच बोतल इंडस्ट्रीज में उत्पादन प्रभावित रहेगा। -मुकेश बंसल टोनी, अध्यक्ष द एक्सपोर्ट एसोशिसन
माउथ ब्लोइंग इंडस्ट्रीज में पहले से ही ऑर्डरों की कमी है। इस कारण से पूरे अड्डे नहीं चल पा रहे हैं। अगर छोटी शीशियों के ऑर्डर रुकेंगे तो काम चलाना मुश्किल हो जाएगा। -अभिषेक मित्तल चंचल, उपाध्यक्ष लघु उद्योग भारती