फिरोजाबाद। कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियों के लिए विश्व विख्यात सुहागनगरी ने पांच फरवरी 1989 को जिले के रूप लिया था। सोमवार को 35 बरस की हो जाएगी। इन बीते 35 वर्षों में जिले को बहुत कुछ मिला और बहुत कुछ मिलना बाकी है। 10 दिवसीय फिरोजाबाद महोत्सव की शुरुआत तो हो गई, लेकिन इस महोत्सव को प्रदर्शनी में बदलने की जरूरत है। क्योंकि महोत्सव सिर्फ रंगारंग कार्यक्रमों तक सीमित है। जरूरत आमजन को जोड़ने की है, तभी महोत्सव सफल होता दिखाई देगा। आगरा जिले की तहसील के रूप में पहचान रखने वाला फिरोजाबाद 5 फरवरी 1989 को जिला बना था। मैनपुरी की शिकोहाबाद एवं जसराना तहसील को शामिल कर पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने टीबी वार्ड के मैदान में जिला बनाने की घोषणा की थी। प्रथम जिलाधिकारी एससी रस्तोगी एवं एसएसपी अरविंद जैन को तैनात किया था। जिले के गठन के सात वर्ष बाद 1996 में आलीशान जिला मुख्यालय भवन मिला। एपीएम गैस मिलने से कांच उद्योग में नई चमक आई। इससे विदेशों में कांच की पहुंच बढ़ी। निर्यात कारोबार बढ़ा। 1998 में जनपद न्यायालय का विशाल काय भवन मिला। 2008 में नया परिसीमन होने के कारण पांच विधानसभा एवं लोकसभा क्षेत्र मिले। दो-दो हाईवे व पांच तहसीलों के साथ, अफसरों की लंबी फौज मिली है। फिरोजाबाद नगर को निगम का दर्जा, एका एवं मक्खनपुर के रूप में दो नई नगर पंचायतें मिलीं।
जिले को यह भी मिला
जिला पंचायत के पांच वार्डों का इजाफा हुआ। जसराना क्षेत्र में पहले ग्राम न्यायालय की स्थापना हुई। शहर में दो रेलवे ओवरब्रिज, भव्य आयकर भवन, मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई। ऑक्सीजन प्लांट के साथ काफी विकास कार्य कराए गए। जेड़ाझाल नहर बनने से सिंचाई की सुविधा, वहीं शहर को मीठा पानी मिला। चंद्रवार गेट जाने वाले रास्ते का चौड़ीकरण हुआ। अपराध पर अंकुश लगाने को जिले को दो एएसपी, जिला में तीन आईएएस अफसरों की तैनाती हुई। 2014 में आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे मिला। 2015 में जिले को सिरसागंज के रूप में नई तहसील मिली। ग्राम पंचायतों के परिसीमन होने के कारण जिले को 64 नई पंचायतें मिली।
अभी इनकी है दरकार...
-ट्रांसपोर्टनगर की स्थापना का काम तेज गति से हो।
-आगरा मेट्रो का फिरोजाबाद तक परिचालन बढ़ाया जाए।
-परिवहन निगम द्वारा फिरोजाबाद में डिपो की स्थापना।
-रेलवे स्टेशन को ए ग्रेड की सुविधाएं देना, प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव।
-ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम की बसों का संचालन।
-कस्बा जसराना में फायर स्टेशन की स्थापना।
-कांच उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की काॅलोनी की स्थापना।
-सिटी बसों का संचालन शीघ्र प्रारंभ होना चाहिए।
-फिरोजाबाद जिले का अपना गजेटियर प्रकाशित हो।
बोले आंदोलनकारी...
-फिरोजाबाद जिले का विकास काफी कुछ हुआ है। परिवहन निगम का डिपो बने तो बेहतर होगा। बाजार में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए यदि पाइप लगाकर डिवाइडर बनाए जाएं तो बेहतर होगा। फिरोजाबाद महोत्सव में हस्तशिल्प सहित ग्रामीण जनता को भी जोड़ा जाए तो बेहतर रहेगा।
झब्बूलाल अग्रवाल, संस्थापक फिरोजाबाद स्थापना समिति।
-जिला बनने के साथ समग्र विकास नहीं हुआ। ट्रांसपोर्ट नगर व डिपो की स्थापना को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। रेलवे स्टेशन में सुधार की दरकार है। कांच इंडस्ट्री के साथ नए उद्योग की स्थापना की पहल हो। जिले की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां फैक्टरी की स्थापना होनी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में प्राइवेट विश्वविद्यालय है। सरकारी स्तर पर पहल की जरूरत है।
द्विजेंद्र मोहन शर्मा, अध्यक्ष फिरोजाबाद स्थापना समिति