फिरोजाबाद। बृहस्पतिवार रात शहर के रामलीला मैदान स्थित काठ बाजार में लगी भीषण आग से दुकानदारों की आंखों के सामने ही उनकी उनकी दुकानों का पूरा सामान जल गया। दुकानदारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्हें अब शासन-प्रशासन से मिलने वाली राहत की उम्मीद है।
रामायण देखते समय मिली सूचना
रात को रामायण देख रहे थे। करीब पौने दस बजे काठ बाजार में आग लगने की सूचना मिली। बेटा बाइक से तो हम पैदल ही चल दिए। काठ बाजार आकर देखा तो पैरो तले जमीन खिसक गई। सब कुछ आग की लपटों में जल रहा था।
मुन्नालाल, दुकानदार, बोधाश्रम
कुछ भी सामान नहीं बचा
रात खाना खाने के बाद परिवार के साथ रामायण देख रहे थे। तभी पड़ोसी छोटेलाल ने सूचना दी कि काठ बाजार में आग लग गई है। इस पर परिवार के सदस्यों के साथ बाजार आ गए। यहां देखा तो दुकानें आग की लपटों में घिरी थीं। आग इतनी भीषण थी कि यही पता नहीं लग रहा था कि कौनसी दुकान किसी की है।
प्रमोद कुमार, दुकानदार, ओझानगर
बिना शर्ट पहने ही दौड़ पड़े
आग लगने की सूचना मिलते ही भाग खड़े हुए। शर्ट तक नहीं पहनी। सोचा जल्दी पहुंच जाएंगे तो कुछ न कुछ तो बचा लेंगे। लेकिन जब यहां आए तो कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला। आंखों के सामने ही दुकान जल रही थी और हम लोग खड़े होकर सिर्फ तमाशा देखते रहे।
सुशील शर्मा, लकड़ी कारोबारी, कैलाश नगर
अब प्रशासन की मदद का सहारा
घर से बाहर कदम रखा तो आग की लपटें करीब एक किलो मीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। दूर खड़े होकर सामान जलते हुए देखते रहे। जब फायर विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए तब थोड़ा पास जाकर देखा। तब तक सब कुछ जल चुका था। अब सिर्फ प्रशासन से मदद का सहारा है।
महेश कुमार, दुकानदार, नगला करन सिंह
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फाल्ट होते ही हवा के साथ फैली थी आग
काठ बाजार में अबरार की दुकान पर काम करने वाले चंदू सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार का दिन आम दिनों की तरह था। रात करीब साढे़ नौ बजे का समय रहा होगा। हम, विमल, डॉ. विजय और कमलेश दूसरी तरफ एक दुकान में बैठकर बातचीत कर रहे थे। तभी तेज आंधी के साथ एक दुकान में फाल्ट होने के साथ ही बिजली चली गई। एक दुकान से दुकान से आग की लपटें उठने लगीं। हवा के साथ आग फैलती चली गई। एक-एक करके कई दुकानों में आग फैल गई। असहाय बने आग की लपटों को देख रहे और दुकानदारों को सूचना देते रहे।
राहत कार्य में बाधा बना अंधकार
आग लगने के साथ काठ बाजार, कोटला रोड, हनुमान रोड के साथ आसपास के क्षेत्रों की विद्युत सप्लाई बंद कर दी गई। चारों ओर अंधेरा छाया रहा। अंधकार के बीच फायर विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे। अंधेरा होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर सिर्फ पुलिस और फायर विभाग के वाहनों की लाइट ही जल रही थीं। इन्हीं की रोशनी के सहारे दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे।