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भीषण हादसों से निपटने को स्वास्थ्य और फायर विभाग के पास नहीं है इंतजाम

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सरकारी ट्रामा सेंटर में ऑक्सीजन सिलिंडर की गैस चेक कराता स्टाफ - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। औद्योगिक सुहागनगरी की 29 लाख से अधिक की आबादी की सुरक्षा के लिए न तो फायर विभाग के पास पर्याप्त इंतजाम हैं, ना ही स्वास्थ्य विभाग के पास आपात कालीन स्थिति निपटने के लिए संसाधन और स्टाफ। ऐसे में दिल्ली अग्निकांड जैसा कोई बड़ा हादसा होने पर उससे पार पाना प्रशासनिक अमले के लिए टेड़ी खीर साबित होगा।
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औद्योगिक क्षेत्र की दृष्टि से देखें तो यहां पर दमकलों की संख्या आधे से भी कम है। यहां 18 दमकल के सापेक्ष महज आठ ही हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो हाईड्रोलिक प्लेटफार्म की संख्या शून्य है। वाटर टेंडर एक, वाटर माऊजर एक स्वीकृत है। वह भी जिले में नहीं है। इमरजेंसी टेंडर जिले में एक भी नहीं है। फोम टेंडर जिले के लिए एक स्वीकृत है, विभाग के पास दो उपलब्ध है।
जिनका प्रयोग शिकोहाबाद व फिरोजाबाद में किया जा रहा है। वाटर टेंडर टाइप बी 45 सौ लीटर, 2700 लीटर का एक भी नहीं है। और न ही जिले के लिए स्वीकृत किया गया है। वाटर टेंडर टाइप बी दो हजार लीटर की क्षमता वाले जिले के लिए आठ स्वीकृत है, जो पूरे है। प्रभारी फायर स्टेशन लाखन सिंह का कहना है कि स्टाफ के साथ संशाधनों की कमी है। कई बार अधिकारियों को पत्र भेजकर स्टाफ और संशाधनों को पूरा करने की मांग की गई है।
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फायर विभाग में स्टाफ का आंकडा
पद स्वीकृत उपलब्ध रिक्त
सीएफओ 01 1 0
एफएसओ 04 00 00
उपनिरीक्षक 05 02 03
फायर मैन 73 62 11
सफाई कर्मी पूर्ण कालिक 04 01 03
जिला अस्पताल में ट्रेंड नहीं स्टाफ
जिला अस्पताल के वर्न वार्ड में 14 मरीजों को जरनल वार्ड में भर्ती करने की व्यवस्था है, वहीं प्राइवेट वार्ड में मात्र दो मरीजों को ही भर्ती किया जा सकता है। यहां छह स्टाफ की तैनाती है। लेकिन स्टाफ कितना ट्रेंड है। इसका खुलासा सोमवार को उस वक्त हुआ जब अमर उजाला की टीम वर्न वार्ड पहुंची। स्टाफ कक्ष में रखा ऑक्सीजन का सिलिंडर खाली हो चुका था। स्टाफ उसे भरा बता रहा था।
स्टाफ से सिलेंडर चेक कराने को कहा गया वह इसे खोलना ही नहीं जानते थे। बताया कि अंकल को फोन किया गया है वह आकर खोलेंगे। इससे साफ जाहिर होता है कि यदि कोई बड़ा हादसा हो गया तो पीड़ितों को कैसे बेहतर उपचार मिल सकता है। सीएमएस डा. आरके पांडेय का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो जांच करके दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में कुछ चिकित्सकों की कमी भी है।
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