फिरोजाबाद। ब्लॉक के गांव रानीपुरा में वायरल बुखार ने पांव पसार लिए हैं। यहां घर-घर में लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्राम प्रधान की सूचना पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची है। टीम ने शिविर लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही मलेरिया और कोरोना की जांच के लिए लोगों के सैंपल भी लिए गए।
शनिवार को ग्राम प्रधान नेम सिंह ने उसायनी स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर गांव में बुखार के प्रकोप की जानकारी दी। इसके बाद सुबह करीब दस बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई। स्वास्थ्य केंद्र उसायनी के प्रभारी डॉ. विकास वर्मा, डॉ. गंदर्भ सिंह और डॉ. संगीता सिंह ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
इस दौरान प्रभारी डॉ. विकास वर्मा ने बताया कि गांव में खांसी, जुकाम, बुखार के कुल 58 मरीज देखे गए। इसमें 20 लोग बुखार से पीड़ित थे। उनमें 14 लोगों की मलेरिया जांच के लिए स्लाइड बनवाई गई है। इस दौरान कुछ ग्रामीणों में कोविड-19 के संभावित लक्षण देखे गए। ऐसे 34 लोगों के कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं।
सीएमओ डॉ.नीता कुलश्रेष्ठ ने बताया कि गांव में वायरल बुखार फैलने की खबर मिलते ही टीम भेज दी गई है। वहीं, आशा, एएनएम को भी निर्देशित कर दिया गया है कि कहीं भी वायरल बुखार फैलने की सूचना मिले तो तुरंत अवगत कराएं।
कोरोना के डर से सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने से बच रहे लोग
खैरगढ़। खैरगढ़ के समीपवर्ती गांव ललऊआ में वायरल फैला हुआ है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई थी। टीम की दवा से बुखार पीड़ितों को फायदा नहीं हुआ है। लोग अपना इलाज झोलाछाप से करा रहे हैं।
लोग कोरोना के डर से सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने से बच रहे हैं। उधर, वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि मौसम मलेरिया, डेंगू फैलने का खतरा बहुत रहता है। इसलिए खुले में न सोएं। आसपास पानी जमा न होने दें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बुखार आ जाए तो भूल से भी दर्द निवारक गोली का इस्तेमाल न करें। चिकित्सक की सलाह पर ही दवा लें।