फीरोजाबाद। राजा का ताल स्थित आलोक ग्लास कारखाने में वाणिज्य कर विभाग की टीम ने कार्रवाई दी। सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में उद्योग, श्रम एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी पहुंच गई। वाणिज्य कर को कार्रवाई के दौरान बैलेंसशीट व गेटपास से संबंधित कोई रिकार्ड नहीं मिले। इससे करोड़ों रुपये करावंचन की बात सामने आ रही है।
गुरुवार को मैनपुरी के डिप्टी कमिश्रर व्यापार कर आरके मौर्य ने टीम के साथ राजा का ताल स्थित आलोक ग्लास कारखाने में दस्तक दी। अचानक कारखाने में अफसरों की गाड़ियां पहुंचते ही वहां कार्य कर रहे श्रमिकों में हड़कंप मच गया। काफी संख्या में श्रमिक काम छोड़ कर कारखाने से बाहर आ गए। डिप्टी कमिश्नर आरके मौर्य, असिस्टेंट कमिश्रर निपेंद्र सिंह सेंगर ने टीम के साथ कारखाने में होने वाले कांच उत्पादन के संबंध में बैलेंस शीट और गेट पास तलब किए। मौके पर मौजूद फैक्ट्री के लोग कोई रिकार्ड नहीं दिखा सके। इसके बाद टीम ने कारखाने रखे माल को चेक किया। इसमें करीब दो-तीन घंटे लगे।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्रर आरके मौर्य ने बताया कि आलोक ग्लास में इस उद्देश्य से सर्वे किया जा रहा है कि कहीं कारखाना स्वामी द्वारा प्रोडेक्शन को छिपाकर व्यापार कर चोरी तो नहीं हो रही। कारखाना स्वामी द्वारा अभी तक बैलेंस शीट व गेटपास उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। टीम पूरे प्रोडेक्शन की काउंटिंग कर रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह ने बताया कि आलोक ग्लास में सेल्स टैक्स टीम के अलावा अन्य विभागों ने भी चेकिंग की। इन विभागों ने कारखाने में देखा कि प्रदूषण बोर्ड, श्रम विभाग के नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया जा रहा। श्रमिकों द्वारा शौचालय खराब होने के संबंध में शिकायत की गई है। कारखाना स्वामी को तीन में शौचालय का निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मौके सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह, उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक महेश गुप्ता, सहायक श्रमायुक्त राजेश मिश्रा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसपी पांडे, आरके पाठक व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर भी मौजूद थे।
आलोक ग्लास में अब तक चौथी बार छापेमारी
राजा का ताल स्थित आलोक ग्लास में यह चौथी कार्यवाही है। इससे पूर्व तीन बार इसी फैक्ट्री में एक्साइज की टीमें भी दस्तक दे चुकी हैं। गत माह कानपुर एवं दिल्ली की टीमों ने फैक्ट्री एवं उद्यमी के आवास पर एक साथ कार्यवाही की थी, लेकिन उद्यमी के गायब हो जाने के कारण टीम को 24 घंटे तक घर के बाहर ही डेरा डालना पड़ा था।