पुलिस स्मृति दिवस पर शुक्रवार को जसराना के एलआर इंटर कालेज में जम्मू के राजौरी में शहीद नेेम सिंह राजपूत की स्मारक पट्टिका लगाई गई। बीएसएफ की टुकड़ी पट्टिका को लेकर पहुंचे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विद्यालय प्रबंधन ने शहीद की पत्नी को सम्मानित किया।
बीएफएफ के एएसआई कैलाश चंद्र शहीद नेम सिंह राजपूत की स्मारक पट्टिका लेकर विद्यालय पहुंचे तो पूरा विद्यालय शहीद के नारों से गूंज उठा। शिला पट्टिका का अनावरण शहीद की पत्नी संसारवती देवी ने गणमान्य लोग और अधिकारियों की मौजूदगी में किया। इस मौके पर संसारवती ने कहा कि वह अपने 18 वर्ष के पुत्र को भी सेना में भेजना चाहती है। उसकी इच्छा है कि वह अपने पिता के अधूरे कार्यों को पूरा करें। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डा. सनिल कुमार ने कहा कि देश की सीमा पर सैनिकों के जागने पर ही हम चैन की नींद से सो पाते हैं। विद्यालयों में शहीदों की स्मृति लगाने से विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों में देशभक्ति का भाव जाग्रति होगा। एसडीएम जसराना महेंद्र कुमार सिंह, बीएसएफ के एएसआई, थाना प्रभारी निरीक्षक ध्यान सिंह ने शहीद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। एसडीएम जसराना ने शहीद की पत्नी को शाल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह एवं संचालन वीरेंद्र सिंह वर्मा ने किया। शहीद के पिता लायक सिंह, भाई शिवराज सिंह, दिनेश लोधी, समीर कुरैशी एवं विद्यालय के अध्यापकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
नहीं पहुंचा कोई जनप्रतिनिधि
जसराना(ब्यूरो)। शहीद के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा जबकि सभी को सूचना दी गई थी। डा. सनिल कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का कार्यक्रम में न आना खेद का विषय है।
2002 में हुए थे शहीद
जसराना(ब्यूरो)। जसराना के गांव कटौरा निवासी पिता लायक सिंह के पुत्र नेम सिंह राजपूत का जन्म 1973 में हुआ था। शुरु से ही मेधावी नेम सिंह का चयन सेना में 1994 में हो गया। देश के कई हिस्सों में तैनात रहने के बाद 2002 में नेमसिंह की तैनाती जम्मू के राजौरी सैक्टर में थी। 7 दिसंबर को पेट्रोलिंग के समय आंतकियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए।
शहीद पुलिसकर्मियों को किया याद
फीरोजाबाद। पुलिस लाइन में शहीदों की शहादत में स्मृति दिवस मनाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पुलिस के शहीद 116 अधिकारी और कर्मचारियों के नाम लेकर उनकी वीरता का स्मरण किया। शहीद जवानों के बारे में भी बताया गया। अपर पुलिस अधीक्षक, सभी क्षेत्राधिकारी और पुलिस कर्मचारियों ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।