टूंडला। फसलों के लिए जटपुरा व बजहेरा फीडरों से पर्याप्त बिजली न मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों ने फीडर के अवर अभियंता पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही नारेबाजी करते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की।
लाइनपार क्षेत्र के जटपुरा व बजहेरा विद्युत उपकेंद्रों से लगभग 25 गांव जुड़े हैं। इन फीडरों से नलकूपों व गांव की आ आपूर्ति दी जा रही है। क्षेत्रीय किसानों का आरोप है कि इस समय गूेहं, सरसों की फसल बोने के लिए खेतों की पलेवट की आवश्यकता है। वहीं पिछले महीने खेतों में बोए गए आलू, तिलहन व खेतों में खड़ी अरहर आदि की फसलाें की सिंचाई की जरूरत है। इन फीडरों से पर्याप्त बिजली नहीं दी जा रही है। जबकि मुख्यमंत्री ने किसानों को दिन में 10 घंटे निर्बाध बिजली देने के आदेश दिए हैं।
किसानों का कहना है कि जटपुरा फीडर से मात्र पांच से छह घंटे बिजली दी जा रही है। किसान कैलाशचंद्र ने बताया कि किसान जेई से लेकर सब स्टेशन ऑपरेटर को फोन लगाते हैं, किंतु वह फोन नहीं उठाते। बृहस्पतिवार सुबह से कटौती कर दी गई। इससे किसान उग्र हो गए। पूर्व सरपंच योगेश उपाध्याय के नेतृत्व में किसानों ने विद्युत निगम के कर्मचारियों के विरुद्ध प्रदर्शन किया। साथ ही अधिशासी अभियंता से फोन पर वार्ता के जेई हरीश सोनी को हटाने की मांग की। मांग करने वालों में अजीत उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय, अनूप कुमार, अतुल उपाध्याय, दिनेश कुमार, दिलीप उपाध्याय, तूफान यादव आदि हैं।
नलकूपों को रोस्टर के मुताबिक 10 घंटे की आपूर्ति दी जा रही है। अगर जेई बिना किसी कारण आपूर्ति बाधित कर रहे हैं तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
दुष्यंत कुमार, एसडीओ