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किसान आज रोकेंगे जेड़ाझाल परियोजना का काम

Sun, 11 Sep 2016 12:16 AM IST
Amar Ujala
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किसान आज रोकेंगे जेड़ाझाल परियोजना का काम - फोटो : Amar Ujala
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प्रशासन के ढीले रवैये से पीड़ित किसानों में आक्रोश
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों का हक दिलाने को 11 सितंबर को जेड़ाझाल परियोजना का ललउआ गांव के समीप काम रुकवाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक किसानों को सिर्फ सर्किल दरों से मुआवजा राशि प्रदान की गई है।
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जेड़ाझाल परियोजना के लिए 54 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। किसानों से भूमि अधिक ली गई लेकिन मुआवजा कम दिया गया। भाकियू जिलाध्यक्ष रामवीर यादव के नेतृत्व में किसान पिछले 20 दिनों से आंदोलनरत है। दो बार एसडीएम धरना स्थल पर पहुंचे लेकिन समाधान नहीं निकाला। शिकोहाबाद के तत्कालीन एसडीएम प्रेम चंद्र यादव ने किसानों को धमकाया तक था। वर्तमान एसडीएम एसपी सिंह ने पूरा मामले डीएम के समक्ष रखकर हल निकालने का भरोसा दिया था लेकिन दो बाद भी हल नहीं निकल सका। यूनियन के जिलाध्यक्ष रामवीर यादव ने कहा प्रशासन को हल निकालने के लिए दस सितंबर तक का वक्त दिया था। 11 सितंबर को ललउआ गांव के समीप जेड़ाझाल परियोजना का काम रुकवाया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के हित में है। सुरेशचंद्र भाटिया ने कहा कि किसानों के साथ भेदभाव गलत है। शिशुपाल सविता ने कहा सत्ताधारी दल के नेता चुप्पी साधे हैं। प्रदर्शन स्थल पर कप्तान सिंह, श्यामवीर सिंह, चरन सिंह यादव, डा. धर्मवीर शास्त्री, महेंद्र सिंह, वीरपाल सिंह, प्रभुदयाल शर्मा, अशफाक मुहम्मद, लायक सिंह शर्मा, ब्रजेश कुमार, हेमंत यादव, ध्रुवदेश शर्मा, रामगोपाल, रमेशचंद्र, मोतीलाल आदि मौजूद रहे।
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----आंदोलन से जुड़ी खास बातें-----
54 गांवों के किसानों की अधिग्रहीत की भूमि।
10 प्रतिशत किसानों को ही सर्किल दरों का चार गुना मिला मुआवजा।
90 प्रतिशत किसानों को सर्किल दर के आधार पर जबरन ले ली भूमि।
20 दिन से किसान हाथवंत ब्लाक के बाहर कर रहे हैं धरना प्रदर्शन।
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