टूंडला। दिल्ली रेलखंड पर रेल ट्रैक से होकर खेतों तक पहुंचने का रास्ता शनिवार को बंद करने पहुंची आरपीएफ का किसानों ने विरोध किया। किसानों के विरोध के बावजूद आरपीएफ ने अस्थाई बनाए रास्ते को बंद कर दिया। किसानाें ने रास्ता न मिलने पर सोमवार से आंदोलन की चेतावनी दी है।
टूंडला-आगरा, टूंडला-दिल्ली एवं एत्मादपुर-मितावली रेलखंड के बीच गांव बन्ना व आसपास किसानों की करीब ढाई सौ बीघभूमि है। खेतों तक जाने के लिए पूर्व में एत्मादपुर से रास्ता था, वहीं आगरा व दिल्ली रेलट्रैक से अस्थाई रास्ता था। एत्मादपुर से मितावली लाइन बिछने पर किसानों का वह रास्ता बन हो गया था। इसके लिए किसानों ने काफी संघर्ष किया,किंतु कोई लाभ नहीं हुआ। इस बीच किसानों ने दिल्ली रेलखंड पर अस्थाई पैदल रास्ता बना लिया था।
शनिवार शाम चार बजे करीब आरपीएफ की टीम उस रास्ते को बंद करने के लिए जा पहुंची। जानकारी पर किसान भी वहां पहुंच गए। उन्होंने रास्ता बंद करने का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि रास्ता बंद हो जाने के बाद वह खेत तक नहीं पहुंच सकेंगे। जिसकी वजह से उनकी सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो जाएगी।
बाद में आरपीएफ द्वारा दो फुट जगह छोड़ने की बात कहते हुए बाकी रास्ते को बंद करा दिया। किसान जगदीश सिंह बघेल ने बताया कि दो फुट जगह में से कोई भी ट्रैक्टर ट्राली नहीं निकलेगी। ऐसे में खेतों में बुवाई, कटाई समेत कोई भी कार्य नहीं हो पाएगा। किसानों ने रास्ता न मिलने पर सोमवार को तहसील मे धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में नाहर सिंह, विजय सिंह, लक्ष्मण सिंह, शशिकांत, रामअवतार, बबलू, विजय सिंह, रामेश्वर, लायक सिंह, राम खिलाड़ी आदि किसान शामिल रहे।