किसान का फाइल फोटो और पोस्टमार्टम हाउस में माैजूद परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार के पेट की खातिर गुलाबी ठंड की रात में खेत में फसल की रखवाली कर रहे एक बुजुर्ग किसान की सांसें उस वक्त थम गईं जब एक आक्रामक नीलगाय ने उन पर काल बनकर हमला बोल दिया। थाना रजावली क्षेत्र के गांव ढकई राजमल में मंगलवार देर रात खेत पर बाजरे की फसल की रखवाली कर रहे 60 वर्षीय किसान रामरतन सिंह को नीलगाय ने कई बार जमीन पर पटकने के साथ पेट में सींग घोंपकर मौत के घाट उतार दिया। मौके पर पहुंची यूपी-112 और स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया।
रामरतन घर से आधा किलोमीटर दूर खेत पर मंगलवार रात 10 बजे गए थे। उन्होंने बाजरे की फसल की थी। मेहनत से बोई फसल को खुले घूम रहे जानवर उजाड़ न दें इस लिए वह रात को ही रखवाली के लिए खेत पर पहुंच गए थे। उन्हें क्या पता था कि नीलगाय का हमला उन्हें सुबह का सूरज भी नहीं देखने देगा।
बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जब किसान का बड़ा बेटा सत्यवीर खेत पर पहुंचा तो पिता का खून से लथपथ शव देख उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर ग्रामीण और परिजन मौके पर दौड़ पड़े। खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले रामरतन अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और दो बेटियां रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। हादसे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा है।
ग्रामीण और भैंसों पर भी बोला हमला
मृतक के भाई राजाराम यादव ने बताया कि नीलगाय ने तड़के करीब चार बजे शौच के लिए जा रहे ग्रामीण कोमल सिंह पर भी हमला बोला था। वह घायल हैं। नील गाय ने दो भैंसों को भी घायल कर दिया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा पशुओं व खूंखार नीलगायों के उत्पात से निजात दिलाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की जोरदार मांग की है।
शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
-अरुण चौरसिया, सीओ टूंडला