आग की घटना के बाद चिंतित व्यापारी
मंगलवार रात नया रसूलपुर पैमेश्वर गेट स्थित गत्ता फैक्ट्री में हुए भीषण आग की लपटें भले ही शांत हो गई हों, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी फैक्ट्री के अंदर से धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा था। फैक्ट्री मालिक के पुत्र ने कर्मचारियों के साथ फैक्ट्री की सफाई करने के साथ दोबारा काम शुरू करने की पहल की। उधर पीड़ित द्वारा दूसरे दिन भी पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
नया रसूलपुर निवासी श्याम गुप्ता की नया रसूलपुर पैमेश्वर गेट स्थित गत्ता फैक्ट्री में मंगलवार रात करीब तीन बजे भीषण आग लग गई थी। दुबारा काम शुरू कराने के लिए फैक्ट्री मालिक के पुत्र और कर्मचारी साफ सफाई करते नजर आए। उधर पीड़ित फैक्ट्री मालिक द्वारा फैक्ट्री में आग लगाए जाने की बात तो कही गई है, लेकिन उनके द्वारा पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है। थानाध्यक्ष रसूलपुर का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर आती है तो मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री मालिक का कहना है कि जो माल जला है, वह दुकानदारों का है। वह तो केवल माल तैयार करते थे।
पड़ोसी के पास रहती थी छोटे गेट की चाभी
श्याम गुप्ता की माने तो फैक्ट्री के बड़े गेट की चाभी उनके पास रहती थी, जबकि छोटे गेट की चाभी पड़ोसी के पास रहा करती थी। पड़ोसी फैक्ट्री के अंदर ही सोया करते थे। मंगलवार रात करीब 12 बजे वह सोकर जागे तब तक सब कुछ ठीक था। लेकिन तीन बजे जैसे ही आंख खुली तो आग की लपटों को देख उनकी चीख निकल गई और फैक्ट्री में हुए अग्निकांड की जानकारी दी।