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आलू खाने लगा भाव, टमाटर भी हुआ लाल

Wed, 15 Jun 2016 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
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आलू खाने लगा भाव, टमाटर भी हुआ लाल - फोटो : अमर उजाला
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बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया। दालों के साथ मसाला तथा चीनी का स्वाद भी कसैला हो गया। पिछले तीन माह में चने की दाल ने सर्वाधिक उछाल मारी है। बारिश होने पर बेसन के गरमागरम के पकौड़े खाना अब मुश्किल होगा। सब्जियों के राजा आलू भाव खाने लगा है वहीं टमाटर भी लाल हो गया। आखिर आम आदमी क्या खाए। बदलते मौसम के साथ हरी सब्जियां भी मंडी आना कम हो गई हैं।
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महंगाई को रोकने के लिए भले ही प्रदेश एवं केंद्र सरकार दावा करे लेकिन महंगाई थम नहीं पा रही है। बढ़ती महंगाई का असर सीधे आमजन पर पड़ रहा है। रुटीन की सामग्री ही इतनी महंगी हो गई कि हर किसी को खरीदारी करने से पहले अपना बजट देखने को विवश होना पड़ रहा है। पिछले तीन माह पूर्व के आंकड़ों पर गौर करें तो चना की दाल ठीक दोगुना तक महंगी हो गई। अरहर की दाल में 20 से 30 रुपया प्रति किलोग्राम बढ़ा है। उड़द की दाल ने भाव खाया है वहीं मूंग की दाल की कीमतें कुछ घटी हैं। 40 से 50 रुपया प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाली मशहूर की दाल भी 75 से 80 तक पहुंच गई। सब्जियों का राजा कहे जाने वाला आलू भी भाव खाने लगा। वर्तमान में आलू दस से 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने लगा है। पांच से आठ रुपये बिकने वाली तोरई 10 एवं 15 रुपये तक पहुंच गई। भिंडी 15 से 25 रुपया, परमल 30 रुपया बिक रहा है। पालक 10 से 15 रुपये तक पहुंच गया। कटहल 20 रुपये से बढ़कर 30 रुपये पहुंच गई। लौकी आठ से बढ़कर 14 रुपये तक जा पहुंची है।


सामग्री          तीन माह पूर्व   वर्तमान
अरहर             110         135
चना की दाल      50           85
मूंग की दाल       100         80
धुली               110         90
उड़द की दाल     120         140
उड़द की धुली    150         180
चीनी               32          38
रिफाइंड            67           77
मिर्च साबुत       130         150
मिर्च पिसी        180         200
हल्दी             100          120
हल्दी पिसी       140         160
सरसों का तेल    80            90

खर्चा बढ़ा, आमदनी घटी
- जनरल मर्चेंट आलोक मीत्तल का कहना है बढ़ती महंगाई के कारण दुकानदारों का खर्चा तो बढ़ा है लेकिन लाभ घट गया। इसके कारण बाजार निराश एवं हताश है। महंगाई को कंट्रोल करना चाहिए। तभी जनता के साथ दुकानदारों को राहत मिलेगी।
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- दुकानदार सागर गुप्ता का कहना है कि महंगाई हमेशा बाजार में किसी सामग्री की आपूर्ति कम किए जाने से बढ़ती है। सरकारों को चाहिए कि जमाखोरी रोकें। ताकि दुकानदारों के साथ आम जनता को राहत मिल सके।


बोली गृहणियां, बिगाड़ गया बजट

- महंगाई रोकने की पहल कोई सरकार नहीं करती। आमदनी खर्चा के अनुरूप नहीं हो रही। यही कारण है कि घरेलू बजट बिगड़ रहा है। सरकार में बैठे मंत्रियों को चाहिए कि वह खुद महंगाई पर अंकुश लगाएं। ताकि आमजन को राहत मिल सके।
आरती, लेबर कालोनी फीरोजाबाद

- हर सरकार महंगाई रोकने के दावे करती है। लेकिन चुनाव के बाद महंगाई रोक नहीं पाता। आज पिस तो आम जनता रही है। दाल,  सब्जी, तेल, मसाला के साथ पढ़ाई सभी कुछ महंगा हो गया। कहां से इंतजाम करे आम जनता।
पूजा, सुहागनगर फीरोजाबाद।

महंगाई पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। शहर में यदि थोक व्यापारी जमाखोरी करते हैं तो उनके यहां छापामार कार्रवाई की जाएगी। गोपनीय ढंग से इनका चिन्हांकन भी कराया जाएगा।
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सुरेंद्र बहादुर यादव, नगर मजिस्ट्रेट फीरोजाबाद।
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