सेमिनार में शिक्षाविदों ने शिक्षा के आधुनिक दौर पर चर्चा की
अमित बाल भवन के तत्वावधान में यूनेस्को की सेमिनार के दूसरे दिन शुक्रवार को शिक्षा की गुणवत्ता पर मंथन हुआ। इस दौरान बदलते परिवेश में आधुनिक शिक्षा पर जोर दिया गया तो वहीं शिक्षा के व्यवसायीकरण पर चिंता जताई गई।
शहर के एडीफाई वर्ल्ड स्कूल में शुक्रवार को यूनेस्को के सेमिनार का तीसरा सत्र शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एफएस एजूकेशन ग्रुप के डा. दिनेश यादव, एडीफाई के डायरेक्टर मुकेश जैन, सुनील जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख नारखी दिनेश यादव ने बदलते परिवेश में शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज हाईटेक एजूकेशन और प्रोफेशनल कोर्सों की मांग अधिक है। बुनियादी शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब बुनियाद कमजोर होगी तो भविष्य तय नहीं किया जा सकता। डा. रूपाली भटनागर, प्रधानाचार्य गायत्री चोपड़ा ने एडवांस एजूकेशन पर प्रकाश डाला। उन्होंने एडीफाई की मास्टर क्लासरूम की विशेषता के बारे में बताया। यूनेस्को चेयरमैन एवं अन्य प्रतिनिधियों ने मुख्य अतिथि डा. दिनेश यादव का अभिनंदन किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। इससे पूर्व अमित बाल भवन के डायरेक्टर ने यूनेस्को के सदस्यों को फीरोजाबाद के कांच उद्योग की जानकारी दी। 25 राज्यों के प्रतिनिधि मंडल ने आनंद ग्लास वर्क्स का भ्रमण किया। फैक्ट्री के चेयरमैन श्याम सुंदर जैन ओर राजू डेकोरेटर ने कांच उद्योग की बारीकियां प्रतिनिधि मंडल को बताईं। इस दौरान यूनेस्को के जरनल सेक्रेटरी डा. धीरेंद्र भटनागर, डा. अमित जैन, सुनील जैन, कनिका साहू, सुजाता चंद्रोक, एके खन्ना, अरुण जैन पीली कोठी, अंजुम जैन, नितिन जैन आदि मौजूद रहे।शिक्षा के व्यवसायीकरण पर यूनेस्को ने जताई चिंता
यूनेस्को की सेमिनार में बदलते परिवेश में आधुनिक शिक्षा देने का मुद्दा उठा