नवागत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहल में मात्र 40 प्रतिशत सेशन आयोजित होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी करहल से स्पष्टीकरण और संचारी रोग अभियान में झाड़ियों का कटान, जल निकासी एवं नालियों की सफाई के काम में लापरवाही बरतने पर सहायक विकास अधिकारी कुरावली को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य विभाग का कार्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं बल्कि जन-सामान्य के जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कार्यप्रणाली को केवल आउटपुट यानी संख्यात्मक उपलब्धियों तक सीमित रखने के बजाय आउट कम यानी वास्तविक परिणामों पर केंद्रित किया जाए। प्रत्येक नगर पंचायत क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। रात के समय में भी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे आपात स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। किशोरी मंच के माध्यम से किशोरियों को जागरूक कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान के तहत किशोरियों को प्राथमिकता दी जाए। हर कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से जूम मीटिंग से विभागीय योजनाओं, कार्यों की समीक्षा होगी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आरसी गुप्ता, परियोजना निदेशक सत्येंद्र सिंह, डिप्टी कलक्टर ध्रुव शुक्ला, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. अनिल वर्मा मौजूद रहे।