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कैफियत एक्सप्रेस से टकराया बैलों का झुंड, बड़ा हादसा टला

Tue, 14 Feb 2017 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद।
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कैफियत एक्सप्रेस से टकराया बैलों का झुंड, बड़ा हादसा टला - फोटो : अमर उजाला
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सिरसागंज के समीपवर्ती गांव आमौर रेलवे फाटक पर मंगलवार की सुबह बड़ा रेल हादसा टल गया। आमौर रेलवे फाटक पर बैलों का झुंड कैफियत एक्सप्रेस से टकरा गया। इस दौरान ट्रेन का इंजन पलटने से बच गया। हादसे के दौरान हुई तेज आवाज से गाड़ी में बैठे यात्री दहशत में आ गए।
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सुबह के 4:16  बजे जब बंजारों की टोली बैलों के बडे़ झुंड के साथ दरिगापुर आमौर क्रासिंग पार कर रही थी। तभी आजमगढ़-दिल्ली कैफियत सुपरफास्ट ट्रेन का अप मार्ग से गुुजरना हुआ। एक के बाद एक 22 बैल कैफियत एक्सप्रेस से टकराते चले गये। बैलों के टकराने के साथ हुई तेज आवाज और गाड़ी के कंपन से सोए यात्रियों में चीखपुकार मच गई। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लेकर ट्रेन को रोक दिया। जब यात्रियों ने गाड़ी के नीचे का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। पटरी पर पशुओं के मांस के टुकडे़ बिखरे थे तो कई बैल घायल अवस्था में पटरी के किनारे पडे़ मिले। चालक ने कंट्रोल नोट कराने के साथ ही रेलवे के अधिकारियों को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने मृत बैलों को ट्रैक से हटवाया। इंजन में फंसे बैलों के अंगों को निकाला कर इंजन को धुलवाया। ट्रेन की बोगियों की जांच होने के बाद सुबह 5: 22 बजे ट्रेन को रवाना किया। स्टेशन मास्टर रामचंद्र ने बताया कि दुर्घटना होने की वजह से 4163 संगम एक्सप्रेस और अपमार्ग की राजधारी एक्सप्रेस को इटावा पर ही रोक दिया। इन ट्रेनों को सवा घंटे की देरी के बाद रवाना किया।

पुल बनने के कारण बंद है फाटक
सिरसागंज। सिरसागंज के आमौर रेलवे फाटक पर पिछले कई महीनों से पुल निर्माण का काम चल रहा है। इस कारण क्रासिंग के फाटक को बंद किया हुआ है। वहीं लोगों ने आनेजाने के लिये फाटक के बगल से रास्ता बना लिया है। तड़के चार बजे इसी मार्ग से बंजारे बैलों के झुंड को लेकर लाइन क्रास कर रहे थे।
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तेज आवाज से खुल गयी ग्रामीणों की आंख
 कैफियत एक्सप्रेस जब बैलों के झुंड से टकराने के बाद इतनी तेज आवाज हुई कि आमौर गांव में सोते हुए लोगों की आंख खुल गई। वहीं ट्रेन के यात्रियों की आवाज सुनकर ग्रामीण जमा हो गए। बैलों के कटने से रेल की पटरियां खून से लाल हो गईं। मंजर ऐसा हो गया कि यात्री ट्रेन से नीचे आने में भी कतराते नजर आए। ग्रामीणों ने रेलवे कर्मचारियों की मदद कर रेल मार्ग को साफ कराया।

बैल ले जा रहे तीन लोगों को भेजा जेल
आमौर रेलवे क्रासिंग के गेटमैन विपुल कुमार ने बैल ले जा रहे तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया है। विपुल ने उमेश पुत्र लाखन सिंह निवासी औंछा मैनपुरी, उमेश व अखिलेश पुत्र जयवीर सिंह निवासी नगला मिंते थाना मैनपुरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि जब उक्त लोग बैल लेकर रेलवे लाइन क्रास कर रहे थे तब वह चौकी के गेट पर ही मौजूद था और उसने उन लोगों को काफी रोका लेकिन उन्होंने फिर भी बैलों को लाइन की ओर हांक दिया। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

अस्थायी रास्ता बना हादसे का सबब

सिरसागंज से मदनपुर बटेश्वर जाने वाले मार्ग पर पड़ने वाले आमौर रेलवे क्रासिंग पर पिछले कई महीनों से पुल निर्माण का कार्य जारी है। बडे़ वाहनों का आनाजाना तो तिलियानी रेलवे क्रासिंग से जारी है लेकिन पैदल और बाइक से आने जाने वाले ग्रामीण आमौर क्रासिंग के किनारे बने अस्थाई मार्ग से गुजर जाते हैं। इसी कारण से मंगलवार की सुबह बड़ा ट्रेन हादसा होने से टल गया। हादसे के बाद भी रेलवे प्रशासन कोई हरकत में नहीं आया है। दुर्घटना के बाद भी लोगों का इसी अस्थाई मार्ग से आना जाना बदस्तूर जारी बना हुआ है। रेलवे के अधिकारी और स्टेशन मास्टर इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते दिख रहे हैं। वहीं पुल निर्माण कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने अस्थाई मार्ग को बंद करने के लिये मिट्टी की ऊंची दीवार बना दी थी लेकिन उसके बाद भी लोग आगे होकर निकलने शुरू हो गए।
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