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बजट पर एक्सपर्ट बोले टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से निराशा, सरलीकरण से राहत

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कोटला रोड स्थित गल्ला मंडी में एक आढ़त की दुकान पर मोबाइल पर बजट देखते किसान - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। वित्तमंत्री ने बजट पेश करते हुए टैक्स में कोई राहत नहीं दी। टैक्स स्लैब में बदलाव न करने और नकद लेनदेन में छूट को न बढ़ाने पर निराशा हाथ लगी है। डिजिटिल सेवाओं और जीएसटी सरलीकरण पर विचार और रिटर्न दाखिले करने में छूट देने से राहत मिली है। अधिवक्ता, सीए और अर्थशास्त्री ने बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
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नकद लेनदेन की छूट बढ़ानी चाहिए थी
- 75 वर्ष तक के पेंशनधारी सीनियर सिटीजन के लिए आयकर और रिटर्न दाखिल करने से छूट देना सराहनीय कदम है। प्रापर्टी कागजातों का डिजीटलीकरण, नए सैनिक स्कूलों की स्थापना स्वागत योग्य है। कई अन्य मांगो जैसे नकद लेन देन की छूट को न बढ़ाने, जटिलताओं को दूर करके नया आयकर कानून लागू न करने आदि से निराशा हुई है। पुराने केस खोलने की सीमा 6 साल से घटाकर 3 साल करना स्वागत योग्य है।
दीनदयाल अग्रवाल, अध्यक्ष इनकम टैक्स ट्रेड टैक्स बार एसोसिएशन
आयकर रिर्टन का सरलीकरण अच्छा कदम
- अब व्यापारियों के इनकम टैक्स रिटर्न कुछ तथ्यों के साथ भरे हुए मिलेंगे। इसमें इंटरेस्ट इनकम, डिविडेंड इनकम और कैपिटल गेन से संबंधित सूचनाएं पहले से भरी हुई मिलेंगी। इससे व्यापारी को अपनी इनकम टैक्स की आय गणना करने में गलती होने की संभावनाएं कम होंगी। टैक्स सरलीकरण की दृष्टि से बजट अच्छा है।
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कुशल गुप्ता, सेक्रेटरी, फिरोजाबाद चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन
संतुलित और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला है बजट
- कोरोना संकट को देखते हुए एक संतुलित बजट है। सरकार ने अतिरिक्त कारों का बोझ डाले बिना विनिवेश एवं अन्य मौद्रिक प्रबंधों के जरिए अर्थव्यवस्था को संभालने का प्रयास किया है। आधारभूत संरचनाओं जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे के विस्तार के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने के संतुलित प्रयास किए गए हैं।
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डॉ. प्रशांत अग्रवाल, अर्थशास्त्री (एसआरके पीजी कॉलेज)
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