फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad News: खैरगढ़ जहरीली शराब कांड से जुड़ी थी आबकारी निरीक्षक कौशल कुमार की फाइल

Fri, 22 May 2026 12:41 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद।
विज्ञापन


आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस के शिकंजे में आए आबकारी निरीक्षक कौशल कुमार के कारनामे छह साल पहले यानी साल 2020 में प्रकाश में आना शुरू हुए। फिरोजाबाद के थाना खैरगढ़ क्षेत्र में 17 नवंबर 2020 में हुए जहरीली शराब कांड, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था, उसी घटना के बाद कौशल कुमार की काली कमाई की फाइलें खुली थीं। उस वक्त कौशल कुमार शिकोहाबाद सर्किल के आबकारी निरीक्षक के पद पर तैनात थे।

साल 2020 के मई माह में अलीगढ़ में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शराब कांड हुआ था, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान गई थी। इस खौफनाक मंजर के महज पांच महीने बाद ही 17 नवंबर 2020 में फिरोजाबाद के खैरगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब ने कहर बरपा दिया।
विज्ञापन


खैरगढ़ के ग्राम शेखपुरा निवासी 30 वर्षीय नवी चंद और उनके भतीजे 32 वर्षीय संजय उर्फ संजू यादव ने गांव में बिक रही अवैध शराब का सेवन किया था। अगली सुबह दोनों की हालत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। इस घटना के तुरंत बाद गांव के ही एक अन्य युवक अवधेश (34) ने भी दम तोड़ दिया। उसने भी उसी खेप की शराब पी थी। एक साथ तीन मौतों से पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई थी।



आबकारी निरीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी हुए थे सस्पेंड

घटना के बाद सरकार ने आबकारी और पुलिस विभाग के खिलाफ तत्काल कड़ा एक्शन लिया था। तत्कालीन आबकारी निरीक्षक कौशल कुमार को पद से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया था। उनके साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में खैरगढ़ के तत्कालीन थानाध्यक्ष मुस्तकीम अली, सब-इंस्पेक्टर (एसआई) विजेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल संजीव कुमार को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया था। इस कांड के बाद शासन के निर्देश पर विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया था। शुरुआत में विजिलेंस ने इस मामले में संलिप्तता को लेकर पुलिस विभाग के कई रडार पर आए लोगों, स्थानीय पुलिसकर्मियों और एसओजी प्रभारी तक की भूमिका की गहनता से जांच की।

इसी जांच के दौरान विजिलेंस के हाथ आबकारी निरीक्षक कौशल कुमार के वित्तीय साम्राज्य और काली कमाई के पुख्ता सबूत लगे। इसके बाद विजिलेंस ने अपनी जांच को आय से अधिक संपत्ति की दिशा में 2024 में मोड़ दिया था। इसी लंबी और गोपनीय जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर अब कौशल कुमार के खिलाफ आगरा विजिलेंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
विज्ञापन




वर्तमान में कानपुर में हैं तैनात

मूल रूप से फर्रुखाबाद जनपद के पचपुखरा, कुइयांवूट के रहने वाले आबकारी निरीक्षक कौशल कुमार निलंबन और विभागीय जांचों से गुजरने के बाद बहाल हुए थे। विभागी लोगों के अनुसार, वर्तमान में उनकी तैनाती कानपुर के बिल्लौर क्षेत्र में है, लेकिन फिरोजाबाद कार्यकाल के दौरान किए गए भ्रष्टाचार के जिन्न ने अब उन्हें पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें