फिरोजाबाद में पूर्व सैनिक बजट से निराश नजर आए। कहा कि जवान सीमा पर प्राणों का बलिदान देते हैं। इसके बाद भी उनके परिजन परेशान होते हैं। उनका कोई ध्यान नहीं रखा गया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बृहस्पतिवार को वित मंत्री ने अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में लोगों ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इस कड़ी में पूर्व सैनिकों ने इस बजट को विसंगतियों का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को कोई भी राहत नहीं मिल सकी है। इससे उनके हाथ मायूसी लगी है।
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पूर्व सैनिक सूबेदार विशेष कुमार का कहना है कि बजट में सरकार ने सैनिकों की ओर ध्यान नहीं दिया है। उनके लिए कोई खास घोषणा नहीं की गई है। जबकि आज भी सैनिकों के परिवार सरकारी लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
पूर्व सैनिक सूबेदार अनवर सिंह का कहना है कि सैनिकों की वन रेंक वन पेंशन स्कीम को लेकर आज भी विसंगतियां जारी हैं। इसके लिए कोई भी घोषणा बजट में नहीं की गई है।
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पूर्व सैनिक सूबेदार दलवीर सिंह का कहना है कि जिन सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। उनके ही परिजन आज परेशान हो रहे हैं। सरकार को बजट में सैनिकों के परिवारों का भी ध्यान रखना चाहिए।
पूर्व सैनिक ध्रुवजीत सिंह का कहना है कि इस अंतरिम बजट से सीएपीएफ कैंटीन उत्पादों पर 50 फीसदी छूट की मांग हम लोगों के स्तर से की गई थी, क्योंकि सीपीसी कैंटीन पर जीएसटी के चलते परिवारों का बजट भी खराब होता है। लेकिन, बजट में कोई घोषणा नहीं की गई।