मक्खनपुर। बिजली चोरी का मुकदमा विभाग द्वारा निरस्त किए जाने के बाद भी उपभोक्ता को 80 हजार रुपये का नोटिस भेजे जाने का मामला सामने आया है। किशनपुर अरमराजट निवासी उपभोक्ता सुभाषचंद्र यादव ने बिजली विभाग पर बेवजह उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
सुभाषचंद्र यादव ने बताया कि वर्ष 2023 में बिजली विभाग ने फर्जी जांच के आधार पर उन पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। लगातार डेढ़ साल तक परेशान करने के बाद उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप पर विभाग ने मामला फर्जी मानते हुए राजस्व निर्धारण और शमन शुल्क को पूरी तरह निरस्त कर दिया। इस संबंध में 18 मार्च 2024 को अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड शिकोहाबाद द्वारा निरस्तीकरण का पत्र भी जारी किया गया था।
इसके बावजूद 7 जनवरी 2026 को बिजली कर्मचारी उनके घर पहुंचकर बिजली चोरी की राशि जमा करने का दबाव बनाने लगे। पीड़ित का आरोप है कि यह जानबूझकर किया जा रहा उत्पीड़न है। उन्होंने मांग की है कि नोटिस तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा वे न्यायालय की शरण लेंगे और विभागीय अधिकारियों से हर्जाना वसूलने की कार्रवाई करेंगे।