फिरोजाबाद। स्वशासी मेडिकल कॉलेज में मोबाइल पर आभा एप के जरिए मरीजों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा बेमानी साबित हो रही है। मरीज अभी भी कतार में लगकर पर्चा बनवाने की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। एप का प्रचार-प्रसार न होने से मरीज व तीमारदार अभी भी लाइन में लगने को विवश हैं। 150 से 200 मरीज ही हर रोज आभा एप के जरिए अपना पंजीयन कराते हैं। जबकि एक हजार से ज्यादा मरीज लाइन से जूझते हैं।मेडिकल कॉलेज में इस समय प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज ओपीडी इलाज कराने पहुंच रहे हैं। यहां पर्चा बनवाने के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। मरीज-तीमारदार को इसके लिए आधा से एक घंटा लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।पर्चा बनवाने के लिए लगने वाली लंबी लाइन से निजात दिलाने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। काेई भी मरीज या तीमारदार अपने मोबाइल में आभा एप डाउनलोड करने के बाद क्यूआर कोड स्कैन कर स्वयं ही अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है। इस नई सुविधा के बारे में मरीजों व तीमारदारों को जागरूक करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई विशेष पहल नहीं की गई। इसके चलते प्रतिदिन अस्पताल में लोग घंटों लाइन में लगकर पर्चा बनवा रहे हैं।
नहीं है जानकारी
बृहस्पतिवार को पर्चा बनवाने के लिए लाइन में खड़े घनश्याम व धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि क्यूआर कोड से पर्चा बनवाने के बारे में जानकारी नहीं है। पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगे हैं। शीलेंद्र गुप्ता ने कहा कि एप से पर्चा बनवा लो तो भी लाइन में खड़े होकर पर्चा लेना पड़ता है। एप से पर्चा बनवाने के लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं है।
प्रचार-प्रसार करने का है निर्देश
हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश है कि वह मरीजों व तीमारदारों को जरूरी जानकारी मुहैया कराएं। आभा एप को लेकर भी जागरूक करने का निर्देश है। हमने लोगों को जागरूक करने और सहायता करने के लिए कर्मचारी लगा रखे हैं। जो तीमारदार और मरीज को एप से पर्चा बनवाने में मदद करते हैं। धीरे-धीरे यह व्यवस्था और विस्तार रूप ले लेगी।
डाॅ. बलवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज