सोमवार को एसपी सिंह बघेल लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन और बवाल के दर्ज हुए मुकदमे की पेशी पर कोर्ट पहुंचे। बघेल ने वकीलों के माध्यम से अपना पक्ष रखा और मुकदमों में झूठा फंसाए जाने की बात कही। मामले की सुनवाई अब दिसंबर में होगी।
सोमवार को भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल न्यायालय में पेशी के लिए पहुंचे। उनके साथ कई भाजपा नेता और समर्थक थे जो आचार संहिता उल्लंघन, बलवा, मारपीट समेत अन्य मामलों में नामजद थे। अधिवक्ता शेर सिंह राजपूत ने मामले की पैरवी की और चुनाव के दौरान लगाए गए मुकदमों को झूठा और बेबुनियाद बताया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनवाई अगले माह तक के लिए टाल दी। पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल के साथ मामले में नामजद राजेंद्र बघेल, फूल सिंह प्रधान, सुरेश बघेल, कालीचरन यादव, समेत अन्य लोग पहुंचे थे। बता दें कि पूर्व सांसद पर लोकसभा चुनाव के दौरान करीब आधा दर्जन मामले पुलिस ने दर्ज किए थे। उसमें डकैती और बलवा भी शामिल है। लोकसभा चुनाव मेें धांधली का आरोप लगाते हुए पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कार्यकर्ता, नेता और पदाधिकारियों के साथ सुभाष तिराहा पर धरना प्रदर्शन किया था। धरने पर बैठे भाजपा नेताओं के साथ बघेल पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर कई समर्थकों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था। प्रो. एसपी सिंह बघेल समर्थकों और भाई के साथ जेल भी गए थे। इनको बाद में न्यायालय से जमानत भी मिल गई थी।