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अभिभावक बच्चों को भेजें तो स्कूल प्रबंधन तैयार

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नंदनी यादव अभिभावक तैयार तो स्कूल प्रबंध है तैयार - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 अक्तूबर से स्कूल, कॉलेज व कोचिंग सेंटर खोलने की अनुमति दे दी है। लिहाजा, अब अभिभावकों की मर्जी पर निर्भर है कि बच्चों को भेजे या फिर नहीं। क्योंकि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा कराए सर्वे में डेढ़ लाख में से सिर्फ 67 सौ ही अभिभावकों ने सहमति जताई थी। गाइडलाइन जारी होने के बाद स्कूल संचालकों ने फिर से तैयारियां शुरू कर दीं हैं।
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कोरोना के कारण मार्च 2020 से स्कूल, कोचिंग, बंद चल रहे हैं। कोविड-19 के नियमों को स्कूल, कॉलेजों को लिखना होगा। साथ ही अभिभावकों को बच्चों सैनिटाइजर, मास्क के साथ भेजना होगा। स्कूलों में शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए प्रार्थना सभा नहीं कराने पर विचार करना होगा। जिले में कोरोना केस निकलने के बीच स्कूल का संचालन फिर से चुनौती साबित रहेगा। अब अभिभावक तय करेंगे कि स्कूलों में अपने बच्चे भेजने को तैयार हैं।
क्या कहते हैं अभिभावक
स्कूल बंद हुए काफी समय हो गया है। सुरक्षात्मक दृष्टि से सरकार एक गाइडलाइन बना दे और उसका पालन सख्ती से कराए। स्कूल खोलने के लिए हम तैयार हैं और विद्यार्थियों की कोरोना से सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। अभिभवावक भी स्कूल संचालन में मदद करें।
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मनोज गर्ग, डायरेक्टर, पंडित मुरारीलाल शिक्षण संस्थान
सरकार ने 15 अक्तूबर से स्कूल खोलने की गाइडलाइन जारी कर दी है। अब अभिभावक भी शिक्षा का महत्व समझें और बच्चों को आने की सहमति दें। स्कूल खुलने पर कोरोना की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। स्कूल न खुलने से शिक्षकों के सामने भी आर्थिक संकट बना हुआ है।
कृपाशंकर मिश्रा, डायरेक्टर, गौरीशंकर इंटर कॉलेज
- अभिभावक से बातचीत करेंगे कि वह अपने बच्चों को भेजना चाहते हैं या नहीं। जो भी गाइडलाइन हैं, वो कक्षा नौ से ऊपर कक्षाओं के लिए है। सुरक्षा की बात करें तो हम सैनिटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग करा रहे हैं। कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए स्कूल तैयार है।
नंदनी यादव, प्रधानाचार्य, आइवी इंटरनेशनल स्कूल
- बड़ी कक्षाओं के संचालन में अब दिक्कत नहीं लगती है। वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकते है। कक्षा नवमीं से ऊपर का कोई ही विद्यार्थी हो, जो मार्च से घर से बाहर न निकला है। ऐसे में स्कूल आने में दिक्क्त क्या है। अभिभावक अपने बच्चों को लेकर स्वयं निर्णय करेंगे। स्कूल में नियमों का पूरा पालन करने के लिए हम प्रतिबद्घ हैं।
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मयंक भटनागर, निदेशक, किड्स कार्नर स्कूल
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