फिरोजाबाद। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (केजीवी) में असंतगत रूप से तैनात शिक्षकों की सुनवाई बुधवार को सीडीओ नेहा जैन की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष हुई। केजीवी के 12 शिक्षकों ने कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखा। इसमें दो शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी हुई है। हालांकि अंतिम फैसला जिला कमेटी के निर्णय के बाद ही हो सकेगा। सुनवाई में शिक्षकों ने लिखित में जवाब जिला कमेटी को प्रस्तुत किए। दो पुरुष शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ सकता है। क्योंकि वह मुख्य विषय के लिए पार्ट टाइम के रूप में तैनात थे। जबकि पुरुष शिक्षकों को केजीवी में फुल टाइम के लिए नियुक्त करने का नियम नहीं है।
हालांकि उन शिक्षकों ने कहा कि कई वर्षों से विद्यालय में कार्यरत हैं। 50 से ज्यादा उम्र हो चुकी है। इस उम्र में दूसरी नौकरी भी नहीं मिलेगी। जबकि इसी नौकरी से परिवार का भरण पोषण होता है। हालांकि कमेटी शिक्षकों का पक्ष सुनने के बाद निर्णय लेगी। इन शिक्षकों में खलबली मची हुई है। बीएसए अरविंद पाठक ने कहा कि केजीवी के 12 शिक्षक सुनवाई के लिए उपस्थित हुए थे। सभी का पक्ष जान लिया है और कमेटी विचार कर रही है। जो नियमानुसार समायोजित नहीं हो सकेंगे, उनको बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। हालांकि कमेटी अपना निर्णय लेगी।