फिरोजाबाद। बहुचर्चित अनामिका शुक्ला और संध्या प्रकरण के बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (केजीवी) में बड़ी गड़बड़झाला सामने आई है। जिस शिक्षक ने जो विषय पढ़ा ही नहीं, वह वर्षों से उस विषय का अध्यापक बना हुआ है। जिस शिक्षक की फुल टाइम नियुक्ति होनी चाहिए थी, उसकी पार्ट टाइम नियुक्ति है। पार्ट टाइम विषय वाले अध्यापक फुल टाइम के शिक्षकों का वेतन ले रहे हैं। शासन के आदेश पर जांच हुई तो जनपद में 12 शिक्षक ऐसे निकलकर आए हैं, जो असंगत रूप से तैनात है। इन शिक्षकों की सुनवाई 29 जुलाई को सुबह 10.30 बजे जिला कमेटी के समक्ष होगी।
नारखी ब्लाक के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात वार्डन कम शिक्षिका मंजूलता यादव की सामाजिक विषय की शिक्षिका के तौर पर तैनाती हुई थी। इस विद्यालय में एक विषय पर एक से अधिक शिक्षक तैनात हैं। यही हाल नारखी में सामाजिक विषय की शिक्षिका के रूप में तैनात मीना शर्मा का है। इन्होंने स्नातक में सामाजिक विषय ही नहीं है, जबकि इनका चयन असंगत रूप से कर लिया था। एका केजीवी में तैनात वार्डन अंजना यादव की एक विषय से अधिक शिक्षक रूप में तैनाती हुई थी। एका में फुलटाइम शिक्षिका नीलम सिंह की तैनाती भी असंगत हुई है। एका में कंप्यूटर विषय पर तैनात शिक्षिका नीता यादव फुलटाइम टीचर के रूप में कार्यरत है। जबकि कंप्यूटर के लिए फुलटाइम शिक्षक की आवश्यकता नहीं। साथ ही बिना मानक के कोर्स किए बिना ही इनकी तैनाती हो गई है और वर्षों से इनकी संविदा हर साल बढ़ाई जा रही है।
एका में गणित के पार्ट टाइम शिक्षक के रूप में संजीव कुमार की तैनाती है। जबकि इस विषय पर फुट टाइम विषय के रूप में तैनाती होनी थी। एका की शिक्षिका अर्चना यादव, नगर क्षेत्र की शिक्षिका प्रियंका यादव की भी विभाग ने असंगत तैनाती मानी है। नगर क्षेत्र में पार्ट टाइम टीचर लता की नियुक्ति भी असंगत विषय और असंगत रूप से तैनाती मानी है। हिंदी विषय फुल टाइम है, जबकि यह पार्ट टाइम जॉब कर रहे हैं। नगर क्षेत्र केजीवी में तैनात शिक्षक राजीव की नियुक्ति को असंगत माना है। क्योंकि विज्ञान विषय के लिए फुट टाइम टीचर की भर्ती होनी थी। जबकि उनकी पार्ट टाइम शिक्षक के रूप में तैनात हैं। नगर क्षेत्र की शिक्षिका शशिबाला तिवारी कला, क्राफ्ट एवं संगीत की शिक्षिका है। जबकि इनके स्नातक में साहित्य हिंदी, समाजशास्त्र, इतिहास व सामान्य अंग्रेजी विषय था। विभाग ने इन शिक्षकों की सूची जारी करते ही खलबली मच गई है। इन शिक्षकों को उनका पक्ष जानने के लिए सीडीओ के समक्ष बुलाया है।