फिरोजाबाद। फर्जी बीएड कर नौकरी हासिल करने वाले जो शिक्षक बर्खास्त होने से रह गए थे, उनकी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। क्योंकि उन शिक्षकों से एक बार फिर शासन सबूत मांगा रहा है। खास बात यह है कि स्पष्टीकरण का प्रारूप अब बीएसए ने नहीं, बल्कि शासन स्तर पर तैयार किया है। इसमें फर्जी शिक्षकों के लिए ढाल बन रहे शिक्षाधिकारियों की मदद ज्यादा काम नहीं आ सकेगी। फर्जी शिक्षकों पर शासन से निर्धारित प्रारूप पर नोटिस पहुंचना शुरू हो गए हैं। जनपद में 163 शिक्षकों को एसआईटी ने चयनित किया था। जिन्होंने वर्ष 2004-05 में फर्जी एवं टैंपर्ड अंकतालिका से नौकरी हासिल कर ली थी।
इनमें दो शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है। जबकि 24 शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं। हालांकि उनमें 20 शिक्षक हाईकोर्ट से राहत भी पा चुके हैं। एसआईटी सूची में शामिल शिक्षकों को बर्खास्त करने की प्रक्रिया में भी जनपद स्तर पर खेल हो रहा है। ऐसे प्रारूप पर नोटिस मांगा जा रहा था, जिसे दिखाकर आसानी से हाईकोर्ट में राहत पाई जा सकती थी। जनपद में भी बर्खास्त हुए 24 शिक्षकों ने हाईकोर्ट से राहत पा ली है। अब शासन ने एक प्रारूप निर्धारित कर दिया है। पूरे प्रदेश में एक जैसा ही प्रारूप है। इसे बर्खास्त से रह गए 137 शिक्षकों के पास भेजा जा रहा है। करीब 60 शिक्षकों के पास यह नोटिस पहुंच चुका है। राहत महससू करने वाले शिक्षक शासन की सख्ती को देखते हुए बेचैन हो गए हैं। इसमें शिक्षकों को 15 दिन का समय स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।