पानी की किल्लत से जूझ रहे कैलाश नगर के बाशिदें पानी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। पुरुषों ने धरना प्रदर्शन के साथ नारेबाजी की तो महिलाओं ने बर्तन रखकर चौराहा जाम कर दिया। नारेबाजी और आक्रोश के बीच पानी की किल्लत की करुण पुकार लगाई। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और पानी की समस्या के निदान का आश्वासन देते हुए जाम खुलवाया।
मोहल्ला ओमनगर में लगे नलकूप से कैलाश नगर सहित अन्य क्षेत्रों में पानी की सप्लाई दी जाती है। करीब एक पखवाड़े से कैलाश नगर में पानी का संकट है। शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर समस्या का निदान नहीं हो सका। इसको लेकर गुरुवार दोपहर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया और हाथों में बाल्टी लेकर लोग बंबा बाईपास चौराहा पर पहुंच गए और रोड जाम कर दिया। बीच रोड पर बैठकर पानी की मांग कर रही सुधा, प्रीति, सुमन, कल्पना, सीमा, शोभा, अंगूरी देवी आदि का कहना था कि कुछ दबंग कैलाश नगर में पानी की सप्लाई न पहुंचने के लिए बाल बंद कर देते है। बुधवार रात नलकूप आपरेटर सुनील ने इसका विरोध किया तो आरोपी दबंग युवकों ने उसकी पिटाई कर दी। इससे वह नलकूप का ताला लगाकर चला गया। जाम की सूचना पर एसएसआई उत्तर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। तब कहीं जाकर यातायात व्यवस्था शुरू हो सकी।
हाथों में डंडे लेकर महिलाओं ने संभाला मोर्चा
पानी की समस्या से परेशान जाम लगाई महिलाओं ने हाथों में डंडा थाम रखा था। महिलाएं वहां से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को रोक रही थी। जा रहा था।
नहीं पहुंचे नगर निगम के अधिकारी
बंबा चौराहा पर जाम लगाए बैठी महिलाएं नगरायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग कर रही थी। करीब एक घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी न तो नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे और न ही निगम का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी।