फिरोजाबाद। पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम स्वरोजगार परक प्रशिक्षण व स्वरोजगार स्थापना के इच्छुक 3000 कामगारों के सपने को पंख नहीं लग पा रहे हैं। नगर निगम अफसरों द्वारा स्थलीय सत्यापन में हीलाहवाली के कारण हजारों युवाओं की नई राहें अटक गई हैं। इसका कारण उद्योग विभाग कामगारों के अंतिम अभ्यर्थन की प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर पा रहा है।प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत छोटे कामगारों को आसानी से रोजगार उपलब्ध कराने का दावा सरकार कर वाहवाही लूट रही हैं। लेकिन सरकार की मंशा पर जिले के अधिकारी पानी फेर रहे हैं। दर्जी, हलवाई, कुंभकार, मोची, हेयर ड्रेसर आदि करीब आठ ट्रेड में अल्प कालिक प्रशिक्षण के जरिए कामगारों के हुनर को निखारा जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने वाले कामगारों को उद्योग विभाग इसके बाद स्वरोजगार स्थापना के लिए प्रशिक्षित कामगारों को नि:शुल्क टूल किट उपलब्ध कराता है, लेकिन शासन की महत्वाकांंक्षी योजना पर निगम कार्मिकों की हीलाहवाली भारी पड़ रही है।
सूत्रों के अनुसार योजना के लाभ को पंजीकरण कराने वाले करीब 3000 से अधिक आवेदकों के आवेदन स्थलीय सत्यापन के लिए नगर निगम कार्यालय में अटके हैं। जबकि इस संबंध में कुछ दिन पहले जिलाधिकारी रमेश रंजन ने भी नाराजगी जताई थी। वहीं सहायक प्रबंधक उद्योग एवं नोडल पीएम विश्वकर्मा योजना सोनिल कुमार का कहना है कि लंबित आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के लिए उपायुक्त उद्योग की ओर से निगम प्रशासन को पत्र भी जारी किया गया है। लेकिन मामला अटका कहां हैं, इसका पता नहीं चल पा रहा है।
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वाउचर देकर निखारा जाता है हुनर
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत अधिकतम 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को पांच दिवसीय प्रशिक्षण एवं टूलकिट क्रय के लिए 15000 रुपये का वाउचर दिया जाता है।
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-पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभ को दर्जी ट्रेड में तीन माह पूर्व आवेदन किया था। लेकिन अभी तक निगम द्वारा मेरे आवेदन पत्र का स्थलीय सत्यापन नहीं किया गया है।राहुल कुमार, आंबेडकर पार्क सैलई
- चार महीने आवेदन किए हो गए है। उद्योग विभाग में पूछने पर सत्यापन नहीं होने की बात कही जा रही है। निगम कर्मचारी सुनवाई नहीं करते हैं।
मनोरमा देवी, नई आबादी सैलई
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पीएम विश्वकर्मा योजना के आवेदकों का सत्यापन किस स्तर पर लंबित है। जानकारी की जाएगी। अगर कर्मचारी आवेदनों के सत्यापन में अनावश्यक देरी कर रहे हैं। तो कार्रवाई की जाएगी।निहाल चंद, सहायक नगर आयुक्त