फिरोजाबाद। सुहागनगरी में खुले नाले बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कई हादसे होने के बाद भी नालों पर न तो रेलिंग लगाई गई और न ही उसे ढकने का काम किया गया। शायद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे है। जबकि पूर्व में हादसे हो चुके हैं। फिरोजाबाद शहर के प्रमुख नालों की बात करें तो एक नाला डाकखाना चौराहे से लेकर सरक्यूलर रोड उर्वशी से होकर सीधे चंद्रवार गेट के पास होकर सीधे यमुना की ओर जाता है। वहीं दूसरा नाला महादेव नगर से शुुरू होकर झील की पुलिया, नगला भाऊ, हिमायूंपुर से होकर सीधे लेबर काॅलोनी से रेलवे लाइन पार करके यमुना की ओर जाता है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के अंदर भी करीब 70 बड़े नाले है। लेकिन कई नालों पर रेलिंग लगाने तक का काम नहीं किया गया। हाथरस व फिरोजाबाद रजवहा पर लालपुर के समीप आबादी होने के बाद रेलिंग को नहीं लगाया गया।
इसके कारण कभी भी बच्चों के गिरने से हादसा हो सकता है। इस नाले पर सैलई के पास भी रेलिंग नहीं लगाई गई। यहां भी आबादी है। हिमायूंपुर क्षेत्र में नगला पचिया के समीप नाले पर रेलिंग नहीं लगाए जाने के कारण यहां हादसा होने की प्रबल संभावना है। जलेसर रोड झील की पुलिया के समीप नाले पर रेलिंग नहीं बनाए जाने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। कभी कभार तो ई रिक्शा से लेकर टेंपों तक रेलिंग के अभाव में पलट जाते हैं। रामनगर क्षेत्र में भी नाले पर रेलिंग नहीं होने के कारण बच्चे आए दिन बच्चों के गिरने जैसे मामले संज्ञान में आते रहते हैं। सवाल एक ही आखिर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी रेलिंग लगाने की ओर कब ध्यान देंगे, जिससे नाले में बच्चों आदि के गिरने से होने वाले हादसों को रोका जा सके।