सदर तहसील में धरना देते अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक
फिरोजाबाद। सदर तहसील में दस्तावेज लेखक संघ एवं अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल दसवें दिन भी जारी रही। सब रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। बार काउंसिल की प्रत्याशी हरजीत अरोरा ने कहा कि दस्तावेज लेखक संघ के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। शासन ने यदि ध्यान नहीं दिया तो पूरे प्रदेश की तहसीलों में कामकाज बंद हो जाएगा। इसके लिए सरकार जिम्मेदार होंगी।
सदर तहसील में दस्तावेज लेखक संघ एवं अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए हरजीत अरोरा एडवोकेट ने कहा कि पीपीपी मॉडल पर निबंधन मित्र रखकर अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों, फोटोग्राफरों के साथ ही फोटो स्टेट आदि करने वालों को बेरोजगार बनाने का काम सरकार कर रही है। पीपीपी मॉडल के तहत निबंध मित्रों की नियुक्ति तथा फ्रंट ऑफिस के विरोध में दस्तावेज लेखक एवं टाइपिस्ट के साथ कलम बंद हड़ताल का समर्थन करती हूं। अधिवक्ताओं की मांग जायज है। आने वाले समय में पूरे उत्तर प्रदेश की तहसील बंद हो जाएंगी। ट्रिपल पी के खिलाफ पूरे प्रदेश में वह जन जागरण का काम करेंगी। ऐसी स्थिति में सरकार जब तक इस कानून को वापस नहीं लेती है तब तक अधिवक्ताओं बैनामा लेखन की हड़ताल रहेगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के मान सिंह यादव, कार्तिक तोमर, सौरव यादव, विनोद यादव, श्यामसुंदर वर्मा एडवोकेट, रत्नेश कुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, श्रीलाल यादव, कृष्णा यादव, मोहम्मद इस्लाम, रामसनेही, मोहित अग्रवाल आदि मौजूद थे।