बार एसोसिएशन अध्यक्ष सहित कई वकीलों के खिलाफ लिपिक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखा। वकीलों ने बुधवार को न्यायालय में कामकाज ठप रखा और जुलूस निकाल कर डीएम निधि केसरवानी का पुतला फूंका।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महासचिव के नेतृत्व में न्यायालय प्रांगण में डीएम निधि केसरवानी के खिलाफ जुलूस निकाला गया। केसरवानी वापस जाओ के भी नारे लगाए गए। न्यायालय प्रांगण में घूमने के बाद डीएम के पुतले को आग के हवाले कर दिया। मुख्य रूप से शीलेंद्रपाल सिंह, सुधीर यादव एडवोकेट तथा अजय यादव, प्रभात कुमार नगीना, उमेशचंद्र ओझा एडवोकेट, इंद्रपाल गुर्जर, आशीष यादव, विजय प्रकाश यादव एडवोकेट, राजीव उपाध्याय, शहाना सिराजी, शकील खान एडवोकेट, अमित दीक्षित, माधव सिंह, दिलीप सिंह, सुरेश यादव, प्रेम प्रकाश वर्मा एडवोकेट, नरेंद्र राठौर के ही अलावा काफी अधिवक्ता मौजूद थे।
ट्रेजरी कर्मचारियों ने दोषी अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यालय में काम नहीं किया। ट्रेजरी बंद होने के कारण लाखों का सरकारी लेनदेन प्रभावित हुआ। डीपीआरओ कार्यालय से नरेंद्र शर्मा विभागीय कार्य हेतु ट्रेजरी गए लेकिन वापस लौटना पड़ा। कैलाश नगर निवासी बुजुर्ग रामबेटी पेंशन पाने के लिए ट्रेजरी के खुलने का इंतजार करती रहीं। कैलाश नगर निवासी देवेंद्र भी आहत दिखाई दिए। ट्रेजरी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सत्येंद्रपाल सिंह ने कहा कि हमारे साथ मारपीट हुई और हम चुप्पी साधे रहें ऐसा कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक आंदोलन चलेगा। इस प्रकरण को लेकर कर्मचारी संगठन भी एकजुट होना शुरू हो गए हैं। यदि मामला बढ़ा तो जिले भर के कर्मचारी सड़क पर उतर आएंगे।
डीएम कार्यालय के बाह तैनात रहा फोर्स
अधिवक्ताओं के आंदोलन को ध्यान में रखते हुए डीएम कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। मटसेना पुलिस के साथ कसबा मक्खनपुर का फोर्स बुला लिया था।
बार काउंसिल के चेयरमैन को भेजा पत्र
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्म सिंह यादव एडवोकेट व महासचिव पंचम सिंह गुर्जर एडवोकेट ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं शासन के मुख्य सचिव को संबोधित पत्र भेजा है। पत्र में कहा कि डीएम की ओर से द्वेशवश कार्रवाई की जा रही है।