फिरोजाबाद। पथ विक्रेताओं को आजीविका शुरू कराने को शासन की योजना स्ट्रीट वेंडर स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में जिला प्रदेश में सबसे निचले पायदान 74 वें स्थान पर पहुंच गया है। शासन ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर की है।
शासन की महत्वाकांक्षी पीएम स्ट्रीट वेंडर स्वनिधि योजना के तहत गत 22 मार्च तक जिले के सभी नगरीय निकायों में 18,954 पथ विक्रेताओं को आजीविका पटरी पर लाने को दस-दस हजार रुपये का ऋण दिलाने का लक्ष्य था लेकिन बैंक शाखाओं की हठधर्मिता एवं जिम्मेदार निकायों की शिथिल कार्य प्रणाली के चलते योजना के क्रियान्वयन में जिला प्रदेश के 74 पायदान के साथ फिसड्डी साबित हो रहा है। ताजा स्थिति के अनुसार कुल 9227 पथ विक्रेताओं के खातों में ही स्वनिधि की राशि हस्तांतरित हुई है।
स्वीकृति के बाद भी 2421 खातों में नहीं पहुंची स्वनिधि
- बीते मार्च में चलाए अभियान के दौरान नगर निगम और अन्य निकायों में 2421 पथ विक्रेताओं के आवेदन स्वीकृत कर बैंक को भेजे गए लेकिन तीन माह की अवधि के बाद भी उक्त में एक भी पथ विक्रेता के खाते में बैंकों द्वारा स्वनिधि की राशि जारी नहीं की है। जबकि शेष करीब 5840 पथ विक्रेताओं के सत्यापित आवेदनों बैंकों द्वारा स्वीकृति प्रदान नहीं की जा रही हैं।
- पथ विक्रेताओं को स्वनिधि दिलाने में बैंक शाखाओं का रवैया बेहद खराब है। स्वीकृति के बाद भी 2421 के स्ट्रीट वेंडरों को स्वनिधि का हस्तांतरण नहीं किया। इस संबंध में जिला प्रशासन व उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
सुभाष वीर सिंह राजपूत, पीओ डूडा