महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में आधी आबादी को काम देने मे जिला एक बार फिर फिसड्डी साबित हुआ। आगरा मंडल में मथुरा जिले ने सर्वाधिक 30 प्रतिशत महिलाओं को काम दिया। वहीं यूपी का औसत 24 प्रतिशत रहा। फीरोजाबाद में 13 प्रतिशत महिलाओं को ही काम दिया गया। स्थिति पर चिंता जताते हुए अपर आयुक्त मनरेगा ने महिलाओं को काम देने का प्रतिशत बढ़ाने के आदेश दिए हैं।
मनरेगा योजना में श्रमिकों को कामकाज देने के साथ ही आधी आबादी को कुल श्रमिकों का 33 प्रतिशत काम देने का प्रावधान है। सख्त निर्देशों के बाद भी योजना के अंतर्गत महिलाओं को काम नहीं दिया जा रहा है। अपर आयुक्त मनरेगा डा. आदर्श सिंह ने मनरेगा के जिला कार्यक्रम अधिकारी/डीएम को पत्र प्रेषित कर महिलाओं को काम प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा भारत सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसारप्रदेश में 33 प्रतिशत के स्थान पर मात्र 24 प्रतिशत महिलाओं को ही मनरेगा योजना में काम दिया गया। वहीं आगरा मंडल में फीरोजाबाद जिले में 13 प्रतिशत, आगरा में 21 प्रतिशत, मैनपुरी जिले में 23 प्रतिशत और मथुरा में 30 प्रतिशत आधी आबादी को कामगार बनाया गया। वहीं अलीगढ़ मंडल में हाथरस में नौ प्रतिशत, कासगंज में 11 प्रतिशत, एटा में 15 प्रतिशत एवं अलीगढ़ में 17 प्रतिशत महिलाओं को ही काम योजना के अंतर्गत दिया गया। प्रदेश में सबसे खराब स्थिति शहजहांपुर और बरेली की रही। यहां महज चार प्रतिशत महिलाओं को ही योजना के तहत काम दिया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के लोकसभा क्षेत्र कन्नौज जिले में महिलाओं को मात्र सात प्रतिशत ही मनरेगा योजना में काम मिला।
मनरेगा योजना में महिलाओं की सहभागिता को शीघ्र ही बढ़ाया जाएगा। इसके लिए सभी बीडीओ को पत्र भेजे जा रहे हैं।
सुजीत कुमार सीडीओ फीरोजाबाद