शिकोहाबाद। नगर के पालीवाल चौराहे के पास एक मकान मालिक द्वारा चोरी का आरोप लगाए जाने और जेल भिजवाने की धमकी से क्षुब्ध होकर 50 वर्षीय नौकर ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। आगरा में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। मौत से आक्रोशित परिजन ने शव को मकान मालिक के घर के बाहर रखकर जोरदार हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन को शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव जसलई निवासी अशोक यादव (50) पिछले छह वर्षों से पालीवाल चौराहे के समीप रहने वाले मुकुल माहेश्वरी के घर पर काम करते थे। 31 अगस्त को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन ने उन्हें शिकोहाबाद के संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया था।
अस्पताल में हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें आगरा के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के बेटों विकास और मनोज ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दो दिन पूर्व मकान मालिक के घर में कोई चोरी हुई थी। जिसका झूठा आरोप उनके पिता अशोक पर मढ़ दिया गया। इतना ही नहीं उन्हें पुलिस केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकियां भी दी जा रही थीं। इसी मानसिक प्रताड़ना और तनाव से क्षुब्ध होकर उनके पिता ने जहर खा लिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
अशोक की मौत के बाद उग्र परिजन और ग्रामीणों ने मंगलवार शाम शव को मुकुल माहेश्वरी के घर के बाहर रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस टीम के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा ने आक्रोशित परिजन को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
अशोक की मौत से उनकी पत्नी भानुमती, पुत्री सौरवी तथा दोनों बेटों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
मृतक के पुत्र द्वारा दी गई तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- शेखर सेंगर, सीओ शिकोहाबाद