सुहागनगरी की जनता को गंदगी के ढेर से मुक्ति दिलाने के लिए निगम प्रशासन द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। खत्ताघर निर्माण के लिए चनौरा में चिह्नित भूमि के लिए नगर निगम अधिकारी किसानों को मनाने में जुटे हुए हैं। कानूनी दांव-पेंच से बचने के लिए असंतुष्ट किसानों की डीएम के साथ बैठक कराने की तैयारी की जा रही है।
शहर से प्रतिदिन करीब 200 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कूड़े के निस्तारण का इंतजाम न होने के कारण शहर की घनी बस्तियों, नए हाईवे एवं ओवरब्रिज पर वर्षों से कूड़ा डंप किया जा रहा था। हाल ही में नगर निगम को रैपुरा में खत्ता डालने के लिए एक बड़ी जमीन मिल गई है। इससे नगर निगम अफसरों की कुछ हद तक मुश्किल हो गई है। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
नगर पालिका (वर्तमान में नगर निगम) द्वारा वर्ष 2009 में खत्ता घर के निर्माण के लिए शहर से करीब सात किमी. दूर ग्राम कुतकपुर चनौरा में 5.2 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इस भूमि पर यूएसआईडी एसएसएमटी योजना के तहत खत्ताघर का निर्माण कराया जाना है। किसानों को मुआवजे के रूप में 1.25 करोड़ की धनराशि एडीएम (भू-अध्यापित) आगरा द्वारा दी जा चुकी है। इसके बावजूद किसान सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजे से संतुष्ट नहीं है। किसान मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट की शरण में हैं।
ऐसे में नगर निगम अधिकारी असंतुष्ट किसानों से वार्ता कर जमीन उपलब्ध कराने के लिए मनाने में जुटे हैं। नगर निगम सूत्रों का कहना है कि नगर आयुक्त द्वारा किसानों के साथ एक दौर की वार्ता की चुकी है। अब इस संबंध में डीएम विजय किरन आनंद के साथ भी जल्द बैठक कराई जाएगी।