टूंडला। शहर के स्टेशन रोड पर स्थित प्राचीन धर्मशाला की करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है किप्रशासन ने शिकायतों पर खानापूर्ति की और देखते ही देखते दुकानें बन गईं तथा बैनामा हो गया। मंगलवार रात मंदिर को तोड़ने के साथ ही पीपल को भी काट दिया गया।
तहसील अधिवक्ता मुकेश सोलंकी ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि टूंडला के सिटी सेंटर के सामने स्टेशन रोड स्थित एक प्राचीन धर्मशाला थी, जहां मंदिर, कुआं, कमरे व पीपल आदि के पेड़ थे। आरोप है कि करोड़ों रुपये की जमीन पर कुछ लोगों ने प्रशासन की मदद से धर्मशाला को तोड़कर वहां दुकानें बना दीं और उन्हें लाखों रुपये लेकर बेच दिया गया। इस बीच शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन ने मात्र औपचारिकता निभाते हुए काम रुकवा दिया। कुछ समय बाद फिर काम शुरू हो गया।
मंगलवार रात उक्त जमीन पर स्थित मंदिर को भी तोड़कर वहां दुकानें बनाने की योजना बना ली। मंदिर के पास स्थित पीपल के पेड़ की शाखाएं भी दीं। शिकायत पर पुलिस ने मंदिर तोड़ने के आरोप में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया। जिन्हें शांतिभंग के आरोप में न्यायालय भेज दिया। अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री के साथ ही आयुक्त आगरा मंडल, डीएम व एसडीएम को भी शिकायती पत्र भेजा है। थाना प्रभारी अंजीश कुमार सिंह का कहना है कि मंदिर को तोड़ा नहीं गया है, पुन: निर्माण कराया जा रहा है। पकड़कर लाए गए दो युवकों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।