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ग्राम पंचायतों में घपलों की इमारत, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस

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फिरोजाबाद। ग्राम पंचायतों में बडे़ पैमाने पर गड़बड़ियां सामने रही हैं। जिले के नौ विकास खंडों में 564 ग्राम पंचायतें हैं। कहीं आडिट में लाखों रुपये का गोलमाल मिल रहा है तो कहीं निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी। जिले के अधिकारियों के निरीक्षण में खामियां उजागर हो रही हैं लेकिन अधिकांश मामलों में सिर्फ नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित है।
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जिले की अस्सी से अधिक ग्राम पंचायतें वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान ग्राम विकास कार्यों को मिली धनराशि का हिसाब-किताब नहीं दे रही हैं। सोशल ऑडिट के दौरान दर्ज कराई गईं वित्तीय आपत्तियों का निस्तारण भी नहीं कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान एका ब्लाक की आठ ग्राम पंचायत, अरांव ब्लाक की नौ, टूंडला ब्लाक की आठ, नारखी ब्लाक की पांच, हाथवंत की छह, फिरोजाबाद ब्लाक की 24, शिकोहाबाद की नौ, मदनपुर की आठ, जसराना की दस ग्राम पंचायतों को ग्राम विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त से करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की गई थी।
यह ग्राम पंचायतों के अधिकारी धनराशि को खर्च करने का हिसाब-किताब देने में आनाकानी कर रहे हैं। आपत्ति निस्तारण नहीं कराने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिवों के विरुद्ध लेखापरीक्षा विभाग ने डीएम चंद्रविजय सिंह को रिपोर्ट भेजी है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी मनमोहन सिंह यादव द्वारा संबंधित पंचायतों से स्पष्टीकरण लेने और कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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विवादित भूमि पर किया गया शौचालय निर्माण
फिरोजाबाद। सामुदायिक शौचालय निर्माण में अनियमितता बरतने एवं विवादित भूमि पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने के मामले भी सामने आ चुके हैं। विभाग की कार्रवाई सिर्फ पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करने तक सीमित रही।
नारखी ब्लाक की ग्राम पंचायत आसलपुर में विवादित भूमि पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण का मामला भी सुर्खियों में रहा। निर्माण कार्य पर दो लाख रुपये से ज्यादा की धनराशि भी खपा दी थी। जबकि उक्त भूमि का विवाद अपर जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित है।
डीपीआओ कार्यालय से पंचायत सचिव के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सामुदायिक शौचालय निर्माण पर खर्च की गई धनराशि का भुगतान रोकने के निर्देश भी जारी किए चुके हैं। ग्राम पंचायत बरतरा में भी सामुदायिक शौचालय व पंचायतघर निर्माण कार्य की अनदेखी का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में सीडीओ नेहा जैन ने डीपीआरओ को जांच के आदेश दिए थे।
खामियां यहां भी कम नहीं
ग्राम पंचायत रैपुरा, कुतुकपुर चनौरा एवं भीकनपुर-मेघपुर में बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालय एवं पंचायत घर निर्माण में खामियां मिली थी। जिला पंचायत राज विभाग से पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस तो जारी किए गए लेकिन और कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्राम पंचायतों में समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। जहां गड़बड़ियां मिलती हैं उनका संज्ञान लेकर ग्राम प्रधान और सचिवों को नोटिस दिए जाते हैं। कई मामलों में वित्तीय अधिकार तक सीज किए गए हैं। विभाग लगातार मजबूत कार्रवाई कर रहा है।
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नीरज कुमार सिन्हा, डीपीआरओ
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