शिकोहाबाद। जेएस यूनिवर्सिटी की जिला प्रशासन की जांच में कई खामियां नजर आने लगी हैं। अभी तक तो सिर्फ भूमि की पैमाइश पर ही जिला प्रशासन की जांच अटकी हुई थी, लेकिन बुधवार को नक्शे के आधार पर हुई पैमाइश में यूनिवर्सिटी का विकास प्राधिकरण से नक्शा पास होना भी अब सवालों के घेरे में आ गया है। बुधवार को विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी को नोटिस थमा दिया है।
फर्जी डिग्री प्रकरण के सुर्खियों में आने के बाद जेएस यूनिवर्सिटी की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। यूनिवर्सिटी की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य की अध्यक्षता में गठित की गई पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने बुधवार तक तीन दिवसीय जांच की। जिसमें भू-अभिलेखों को खंगाला गया था। जिसमें कंथरी और मांडई गांव की भूमि भी शामिल होने की आशंका जताई है। इसके अलावा उसर एवं पट्टेदार भूमि का प्रयोग भी बिल्डिंग निर्माण में लाये जाने के संकेत जिला प्रशासन को मिले हैं। जिसकी जांच टीम जांच कर रही है। टीम ने एसडीएम कृतिराज एवं एसडीएम शिवध्यान पाण्डेय के निर्देशन में बुधवार को नक्शे के आधार पर बिल्डिंग की पैमाइश की। जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार अब जांच कमेटी को बिल्डिंग का नक्शा भी आधा पास होने के सुराग मिले हैं। जिसके लिए विकास प्राधिकारी की टीम को भी जांच के लिए लगाया गया है। विकास प्राधिकरण के जेई राकेश तोमर ने जेएस वि.वि. को नक्शा पास कराये जाने को लेकर नोटिस जारी कर दिया है। कितनी बिल्डिंग का नक्शा पास कराया गया है, कार्यदिवस में उसके कागजात विभाग में जमा करें। जिसके बाद विकास प्राधिकरण आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तय करेगा।